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डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में हुआ पालक बालक शिक्षक मीटिंग

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में हुआ पालक बालक शिक्षक मीटिंग

पालक बालक शिक्षक संगोष्ठी व वैदिक हवन यज्ञ में अभिभावकगण बड़ी संख्या में शामिल हुए

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बेमेतरा – डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में पालक बालक शिक्षक संगोष्ठी का शानदार आयोजन हुआ। विद्यार्थियों के पढ़ाई स्तर को जानने के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता विद्यालय पहुँचे, डीएवी स्कूल में सीबीएसई शिक्षा व पाठ्यक्रम को लेकर लोगों की सोच बदलने का अद्वितीय कार्य किया जा रहा हैं। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जाँता के प्राचार्य पीएल जायसवाल ने बताया कि डीएवी स्कूल अपने सीबीएसई शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा व अच्छी संस्कार व सीबीएसई के प्रत्येक एक्टिविटी के लिए जाना जाता हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम से ही दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय प्रारंभ हुआ हैं। महर्षि दयानंद आर्य समाज के संस्थापक हैं। संस्था में प्रत्येक शनिवार को हवन यज्ञ व संस्कार को लेकर नैतिक शिक्षा की पढ़ाई निरंतर होते आ रहा हैं, साथ ही पालकों ने भी को वैदिक हवन यज्ञ में शामिल हुए। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर अपने बच्चों के पढ़ाई की स्तर को जाना, साथ ही विद्यालय के हो रहें विभिन्न एक्टिविटी व उच्च स्तर के पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में काफी उत्साह हैं। विद्यालय के लगभग 200 पालकों ने स्कूल पहुंचकर अपने पाल्य की पैरोड़ीक टेस्ट परीक्षा का रिजल्ट जाने व बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए किए जा रहें प्रयास पर बातचीत की। विद्यार्थियों की पढ़ाई स्तर अच्छा व बेहतर से बेहतर हो इसके लिए हम किस तरह से छात्र को आगे बढ़ा सके इसके लिए स्कूल में यह मीटिंग का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें अभिभावकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्राचार्य श्री जायसवाल ने बताया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु हमें तीनों कड़ी को मजबूत होना अनिवार्य हैं। पालक बालक शिक्षक आपस में मिलकर ही हम छात्रों की उज्ज्वल भविष्य की गणना कर सकतें हैं। छात्रों के प्रति मेहनत करने व आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय के शिक्षक प्रयासरत व सदैव तत्पर हैं। विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा में सुधार कैसे करें। माता-पिता और शिक्षक का एक ही लक्ष्य होता हैं, बच्चे की सफलता। माता पिता, शिक्षक और बच्चे की साझेदारी स्कूली प्रक्रिया को समृद्ध और प्रभावी बनाती है। ‘माता पिता अपने बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं।’ उनका सहयोग बच्चे की पढ़ाई और विकास को प्रभावित करता हैं। एक सफल अभिभावक के सहयोग के लिए, आपको शिक्षकों के साथ निरंतर बातचीत करने की आवश्यकता होती हैं। माता पिता और शिक्षक दोनों अपने अवरोधों को दूर करते हैं और एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए तैयार रहते हैं। रिजल्ट को बेहतर बनाने पालकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए बैठक का आयोजन किया गया व इसमें रिजल्ट सहित बच्चों की प्रोग्रेस पर चर्चा की गयी। पालकों की बैठक का मुख्य उद्देश्य रिजल्ट सुधारना, बच्चों की नियमित उपस्थिति पर जोर देना, शिक्षा स्तर को बढ़ाना, विद्यार्थियों की प्रोग्रेस पर चर्चा के साथ साथ पालकों से सुझाव भी लिया गया।
स्कूल की संस्कृत शिक्षिका सुमित्रा पटेल ने भव्य वैदिक हवन यज्ञ कराया।संगीत शिक्षक राजा ने भजन प्रस्तुति दिए। विद्यालय से शिक्षक ललित देवागन, राहुल पटेल, अखिलेश पटेल, ज्ञानेश्वर साहू, निशु गुप्ता, अनिल कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, अमित कुमार, आयुषी जैन, कैलाश सिंह, राजा तनतुवे, छोटू राम साहू, मनीषा सोनी, सविता साहू, रेणुका पटेल, रितिका साहू, आरती धीवर, सरिता साहू, सुमित्रा पटेल, दीपिका वर्मा, सुखदेव साहू, विजय चंद्राकर, गीता साहू, नरेश साहू आदि उपस्थित रहें।

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