नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी …इन्हें मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी …इन्हें मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

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रायपुर: प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है । 16 दिसम्बर से खरमास प्रारंभ हो रहा है उससे पहले ही अगले 10 दिनों के भीतर ही नए मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की नियुक्ति हो जाने की संभावना है । नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किए जा सकते हैं आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अफसरों के प्रभार में बड़ा फेरबदल तय है। यह संभावना जताई जा रही है कि डीजीपी और पीसीसीएफ को भी बदला जा सकता है।

जुनेजा वर्तमान जिम्मेदारी से मुक्त हो सकते हैं

वर्तमान पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को एक वर्ष की सेवावृद्धि दी गई है, लेकिन नई सरकार उससे पहले ही उन्हे वर्तमान जिम्मेदारी से मुक्त कर सकती है । भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत कर हटाने की मांग की थी। उन पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था । श्री जुनेजा 89 बैच के आईपीएस अफसर हैं।

इन अधिकारियों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

जुनेजा को हटाने की स्थिति में सरकार वरिष्ठता क्रम के आईपीएस अफसरों अरुण देव गौतम, हिमांशु गुप्ता के साथ-साथ अन्य नामों पर विचार कर सकती है। डीजीपी स्तर पर फेरबदल होने का साथ-साथ निचले स्तर पर भी फेरबदल तय है। संविदा नियुक्ति के बाद ईओडब्ल्यू एवं एसीबी की जिम्मेदारी संभाल रहे डीएम अवस्थी एवं अन्य अफसरों के प्रभार भी बदले जाएंगे । पुलिस में एडीजी एसआरपी कल्लूरी प्रभावशाली पद में रहेंगे। आईपीएस अमित कुमार और प्रदीप गुप्ता को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आईपीएस अधिकारी लाल सिंह उमेंद, अजातशत्रु और शशि मोहन राजधानी में लौट सकते हैं।

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पीसीसीएफ स्तर पर भी बड़ा बदलाव तय

आईएफएस अफसरों के प्रभार में भी बड़ा फेरबदल तय है । चुनाव के कुछ माह पहले ही आईएफएस वी.श्रीनिवास राव को पहले पीसीसीएफ और बाद में वन बल प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी । इस नियुक्ति के बाद आईएफएस अफसरों की नाराजगी भी सामने आई थी । दरअसल वरिष्ठता क्रम में छठवें नंबर के आईएफएस श्री राव को आधा दर्जन वरिष्ठ आईएफएस अफसरों को सुपरसीड कर वन बल प्रमुख बनाए जाने से बाकी अफसर काफी नाराज हैं। वरिष्ठता क्रम में पहले नंबर के आईएफएस सुधीर अग्रवाल एवं पीसीसीएफ स्तर के कई अफसरों ने कैट में भी इस बात को लेकर चुनौती भी दी है ।

आईएएस के प्रभार में होगा बड़ा फेरबदल

आईएएस अफसरों के प्रभार में भी बड़ा फेरबदल तय है। आईएएस राजेश टोप्पो, दयानंद, आर संगीता, आर प्रसन्ना, अनवीश शरण, आर वेंकट, अभिजीत सिंह, इंद्रजीत चंद्रवाल को भी महत्व दिया जाएगा। केन्द्र में पदस्थ कई वरिष्ठ आईएएस की हो सकती है प्रदेश में वापसी- छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ आईएएस केन्द्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं । प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कई अफसर भाजपा सरकार के समय छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे । इन अफसरों की फिर राज्य में वापसी हो सकती है ।

93 बैच के अमित अग्रवाल मुख्य सचिव स्तर के आईएएस हैं। वे वर्तमान में यूआईडीएआई में सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आईएएस सुबोध सिंह भी पूर्व की रमन सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे शिक्षा मंत्रालय में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में डीजी के पर पदस्थ हैं। उनकी भी वापसी की संभावना जताई जा रही है। उनके अलावा पीएमओ में पदस्थ डॉ.रोहित यादव, नाडा की सीईओ ऋतु सेन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय में पदस्थ अमित कटारिया भी प्रतिनियुक्ति से वापस छत्तीसगढ़ आ सकते हैं।