छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त, कांग्रेस बोली – जनता से राशन छीनने की साजिश

छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त — कांग्रेस ने बताया ‘जनता से राशन छीनने की साजिश’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त किए जाने के फैसले ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राज्य सरकार के अनुसार, इन कार्डधारकों ने पिछले एक साल से राशन नहीं लिया और E-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की, इसलिए उनके कार्ड सस्पेंड कर दिए गए हैं।

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खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि

“प्रदेश में करीब 95 लाख राशन कार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 करोड़ 73 लाख हितग्राही शामिल हैं। इनमें से 32 लाख लोगों का राशन कार्ड अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है। E-KYC कराने के बाद उन्हें फिर से राशन मिलेगा।”

कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

राज्य कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,

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“नवंबर से करीब 32 लाख परिवारों को राशन नहीं मिलेगा। सरकार कह रही है कि इन परिवारों ने KYC नहीं कराई, लेकिन यह जिम्मेदारी किसकी है — सरकार की, खाद्य विभाग की या राशन दुकान संचालक की? यह जनता के साथ अन्याय है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि

“सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री ने अपने फोटो राशन कार्ड पर लगवाए थे और उस समय सभी से आधार कार्ड मांगा गया था। यानी KYC पहले ही हो चुकी थी। अब दोबारा KYC के नाम पर जनता से राशन छीना जा रहा है — यह पूरी तरह षड्यंत्र है।”

क्या है ई-केवाईसी प्रक्रिया?

E-KYC कराना जटिल नहीं है। यदि एक राशन कार्ड में चार सदस्य हैं, तो सभी को अपने आधार कार्ड के साथ राशन दुकान पर जाना होता है।
वहां बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट मिलान) के बाद E-KYC प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इसके बाद कार्ड को पुनः सक्रिय किया जा सकता है।