1 नवंबर से दिल्ली में पुराने कमर्शियल वाहन बैन, 18 से 20 अक्टूबर तक सिर्फ ग्रीन पटाखे; ट्रांसपोर्टरों ने जताई चिंता

दिल्ली में 1 नवंबर से पुराने कॉमर्शियल वाहन बैन, 18-20 अक्टूबर तक सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री; ट्रांसपोर्टरों ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को अपनी 25वीं बैठक में कई सख्त और महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन फैसलों में पुराने कॉमर्शियल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध और पटाखों के उपयोग पर सख्ती शामिल है।

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1. 1 नवंबर से लागू होगा वाहनों का सख्त प्रतिबंध

CAQM ने प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर सख्त रुख अपनाया है।

  • प्रतिबंध: 1 नवंबर 2025 से दिल्ली में केवल बीएस-6, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। बीएस-6 से पुराने सभी अन्य कॉमर्शियल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
  • स्थानीय वाहनों को छूट: राजधानी में पंजीकृत बीएस-4 वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक अस्थायी छूट दी गई है।
  • पुराने आदेश स्थगित: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप, 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को हटाने संबंधी पुराने आदेश को फिलहाल स्थगित रखा गया है।

2. दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति

आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 15 अक्टूबर के आदेश के अनुसार, दिवाली पर पटाखों के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं:

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  • बिक्री की अवधि: केवल 18 से 20 अक्टूबर तक ही निर्धारित जगहों पर और लाइसेंसधारक विक्रेताओं द्वारा हरे पटाखों (Green Crackers) की बिक्री की अनुमति होगी।
  • उपयोग का समय: दिवाली पर पटाखों का उपयोग केवल सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
  • पूर्ण प्रतिबंध: ई-कॉमर्स से पटाखों की बिक्री और बारीयम युक्त पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

3. ट्रांसपोर्टरों की चिंता: “ठीकरा डीजल वाहनों पर न फोड़ें”

CAQM के इन फैसलों पर दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की है और आयोग को पत्र भेजा है।

  • मुख्य आशंका: एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने आशंका जताई कि ग्रीन पटाखों की सीमित उपलब्धता के कारण लोग सामान्य पटाखे जलाएंगे, जिससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा।
  • मांग: उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि अगर पटाखों के कारण AQI का स्तर बढ़ता है, तो इसका ठीकरा डीजल वाहनों पर नहीं फोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बीएस-4 डीजल वाहनों का प्रवेश दिल्ली में न रोके जाने की अपील की है।

4. पराली और कचरा जलाने पर सख्ती

CAQM ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अधिकारियों को पराली जलाने के मामलों में सख्त कार्रवाई करने और सीआरएम मशीनों (CRM Machines) का पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, खुले में कचरा या बायोमास जलाने की शिकायतों को 24 घंटे के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी संबंधित एजेंसियों को 14 से 25 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता की सख्त निगरानी करने और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।