
डीएवी जांता के शिक्षक-शिक्षिका प्रशिक्षित होकर लौटे विद्यालय – जायसवाल
डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता के शिक्षक दो दिवसीय द्वितीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला बिलासपुर में हुए प्रशिक्षित
बेमेतरा – डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता जो कि अंचल की एकमात्र सीबीएसई स्कूल है जहां श्रेष्ठ पढ़ाई व अपने विभिन्न एक्टिविटी के साथ सीबीएसई शिक्षा के लिए जाना जाता हैं। यहां के सभी शिक्षक दो दिवसीय द्वितीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला बिलासपुर से प्रशिक्षित होकर व प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यालय वापस लौटे। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देवरी खुर्द तखतपुर बिलासपुर में दो दिवसीय द्वितीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का समापन समारोह संपन्न हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान के प्रमुख उप क्षेत्रीय अधिकारी व प्रशिक्षण समन्वयक प्रमुख व प्राचार्य डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको प्रशांत कुमार के कुशल दिशा निर्देशन में हुआ, जिसमें डॉ बीपी साहू सहायक क्षेत्रीय अधिकारी जोन डी के भी सभी 6 मुख्यमंत्री इस आयोजन में भाग लिए थे। जिसमें डीएवी जांता के सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षण क्षमता संवर्धन कार्यशाला को रूचिकर बनाने व दिक़दर्शित करने में सहायक क्षेत्रीय अधिकारी जोन जी प्रमीत जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन स्थल प्रभारी विनय कुमार श्रीवास्तव, प्रचार्य एसएन पांडेय आदि के मार्गदर्शन में क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शानदार आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस कार्यशाला में डीएवी सी ए ई द्वारा चयनित विभिन्न डीएवी विद्यालयों के अलग-अलग विषयों के मुख्य प्रशिक्षण प्रशिक्षक उपस्थित रहें। उन्होंने पूरी तन्मयता एवं कुशलता के साथ सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया एवं शिक्षकों में नई ऊर्जा भरने का भरपूर प्रयास किया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के 22 डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों के प्राचार्य भी विषय विशेषज्ञ व समन्यवक के रूप उपस्थित रहें। सभी प्राचार्यों के गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी चार-चाँद लगा दिए। जिसमें डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता बेमेतरा के प्राचार्य पीएल जायसवाल भी शामिल हुए थे। प्राचार्य श्री जायसवाल ने जानकारी साझा किया कि इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के कुल 9 जिलों बेमेतरा, बिलासपुर, कवर्धा, मुंगेली, गरियाबंद, रायगढ़, जांजगीर चम्पा, बलौदाबाजार एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही के 22 विद्यालयों से लगभग 160 से अधिक शिक्षकों ने कार्यशाला में शिक्षण संबंधित विभिन्न कौशलों की जानकारी लिए। अपने शिक्षण कार्य के द्वारा विद्यार्थियों के चौमुखी विकास के लिए आवश्यक सभी बिंदुओं पर बहुत ही बारीकी से औऱ विस्तृत रूप से शिक्षा प्राप्त किए। साथ ही विषय शिक्षकों को विभिन्न कौशलों से संबंधित जानकारी व बच्चों की प्रतिभा में निपुणता व गुणवत्ता लाने के लिए प्रशिक्षिण मिला, हमारे शिक्षको को प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों का परीक्षाओ की तैयारी कैसे हो? तनाव मुक्त शिक्षा प्रणाली व तैयारी कैसे हो? छात्रों का रिवीजन कक्षा कैसे हो? नए नए एम सी क्यू प्रश्नों का तैयारी कैसे हो? एवं उलझनों से भरे प्रश्नों का हल कैसे हो? इस तरह के प्रमुख समस्याओं का क्षमता संवर्धन कार्यशाला के माध्यम से समस्या का समाधान के साथ प्रशिक्षित किया गया एवं शिक्षण कार्य को और भी रुचिकर लाभकारी बनाया जा सकता हैं। कार्यशाला से बच्चों की शिक्षा को गुणवत्ता प्रदान करने की एक अनूठी एवं अच्छी पहल की जानकारी दिया गया हैैं। हमारे सभी शिक्षकों ने बहुत ही अच्छे वातावरण में सीखने सिखाने की प्रक्रिया को जाना तथा अनेकों समस्याओं को उनके संवर्धन निर्माण में समस्याओं का निराकरण तत्काल हुआ। यह कार्यशाला से अवश्य ही आने वाले समय में एक मील का पत्थर साबित होगी एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सहायक सिद्ध होगी। आने वाले समय में हम हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करने एवं उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक ले जाने का सफल प्रयास करेंगे। बच्चों को एक सफल तथा आदर्श व्यक्ति बनाने का जो बीड़ा उठाया गया है और उस पर हमारे समस्त डीएवी परिवार इस पुनित कार्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता के ओर से शिक्षक ज्ञानेश्वर साहू, निशु गुप्ता, अनिल कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, गोविंद प्रसाद साहू, आयुषी जैन, सरिता साहू, सविता साहू, कैलाश सिंह, छोटु राम साहु, दीपिका वर्मा, मनिषा सोनी, रितिका साहु, आरती धीवर आदि सभी ने प्रशिक्षित होकर विद्यालय पहुँचे।












