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किसान जैन कुमार को मिली खेतों की मिट्टी को उपजाऊ बनाने की सटीक जानकारी

किसान जैन कुमार को मिली खेतों की मिट्टी को उपजाऊ बनाने की सटीक जानकारी

मृदा स्वास्थ्य कार्ड से फसलों में अनुकूल खाद प्रयोग करने के बारे में बताया

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उत्तर बस्तर कांकेर/ फसलों की उन्नत पैदावार और अधिक फसल लेने के लिए किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की तासीर और फसल के अनुरूप दवाओं व पोषक तत्वों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसके अभाव में किसानों को फसलों का अपेक्षाकृत कम उत्पादन मिलता है। साथ ही मिट्टी के लिए आवश्यक तत्वों के बारे में भी पता बेहद आवश्यक है। किसानों की इन्ही समस्याओं को दृष्टिगत करते हुए केन्द्र सरकार ने मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम संचालित किया, जिससे किसानों में जागरूकता आई है। कार्ड के माध्यम से अब उन्हें भी पता चल रहा है कि उनके खेतों में किस तरह की खाद, दवाई और जैविक तत्वों की आवश्यकता पड़ेगी जिससे उन्हें अधिक से अधिक पैदावार मिल सके।
जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम माहुद में आज आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान भिरौद गांव के किसान श्री जैन कुमार सिन्हा को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया गया। कार्ड पाकर श्री सिन्हा ने बताया कि कुछ साल पहले भी उन्होंने अपने खेतों की मिट्टी के नमूने देकर प्रयोगशाला से परीक्षण कराया था, जिसके अनुसार खेती करने पर उनके खेतों में अच्छी पैदावार आई थी। यह भी बताया कि मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत हाल ही में उन्होंने अपने खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर जांच कराई थी जिसके तहत आज शिविर में मृदा स्वास्थ्य कार्ड का निःशुल्क वितरण किया गया। श्री सिन्हा ने बताया कि इस कार्ड से उन्हें अपने खेतों की मिट्टी की तकनीकी जानकारी मिली जिसके अनुसार मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन 125 किलो प्रति हेक्टेयर है जबकि सल्फर 10 पीपीएम, आयरन 32 पीपीएम, फास्फोरस 11 किलो प्रति हेक्टेयर, जिंक 0.18 पीपीएम, मैंगनीज 18 पीपीएम व पोटैशियम 309 किलो प्रति हेक्टेयर है। इसी तरह मिट्टी में कार्बनिक कार्बन, बोरॉन और कॉपर की उपलब्धता के बारे में भी कार्ड में उल्लेख किया गया है। उन्होंने यह बताया कि इस आधार पर कार्ड में धान की फसल हेतु मृदा अनुकूलक फील्ड यार्ड खाद/कम्पोस्ट/ खाद प्रति टन प्रति हेक्टेयर 3.4, डीएपी 144.57 किलो प्रति हेक्टेयर, एमओपी 33.50 और यूरिया 232.12 किलो प्रति हेक्टेयर तथा जिंक सल्फेट 15 किलो का उपयोग प्रति हेक्टेयर के मान से किए जाने की सलाह के साथ जिक्र किया गया है।
सिन्हा ने किसानों को अपने खेतों में प्रयोग किए जाने वाले उर्वरकों व पोषक तत्वों की सटीक तकनीकी जानकारी निःशुल्क मिलने पर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एक आम किसान को उसकी फसल के अनुरूप मिट्टभ् की प्रवृत्ति व प्रकृति की जानकारी उपलब्ध हो पा रही है, इससे बढ़कर उनके लिए और अच्छी बात क्या ही हो सकती है।

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