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मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना

किसानो को पौधारोपण करने पर मिलेगी 10 हजार की सहायता राशि

किसानो को पौधारोपण करने पर मिलेगी 10 हजार की सहायता राशि

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कलेक्टर ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर लाभ लेने की अपील

गोपाल सिंह विद्रोही/प्रदेश खबर /प्रमुख छत्तीसगढ़/सूरजपुर/ आज 20 जून कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने “मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना“ अंतर्गत शासन की योजनाओ का लाभ लेने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने जिले के किसानो से अपील की है।
कलेक्टर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जायेगा तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी।
उन्होनें कहा कि किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हो, यदि वे धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टे प्राप्त किसान भी अपनी उस जमीन पर हरियाली प्रसार योजना के तहत 4 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से 2500 पौधा लगाकर 10000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन प्राप्त कर सकेंगे।
कलेक्टर ने कहा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने एवं विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।
उन्होनें योजना के उद्देश्य में बताया कि निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक, औद्योगिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देना, पर्यावरण में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों को कम करना है। कृषकों की आय में वृक्षारोपण के माध्यम से वृद्धि करते हुये उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार लाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि की उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियां योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। जिस वन, राजस्व वन भूमि पर वनअधिकार पत्र दिये गये है, उस भूमि पर भी हितग्राहियों की सहमति से ईमारती, फलदार, बांस, लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों का रोपण किया जा सकेगा।
इस योजना के अंतर्गत कलेक्टर ने वनमण्डाधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने सभी फाॅरेस्ट गार्ड को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में 5-5 एकड़ में वृक्षारोपण का लक्ष्य दे एवं लक्ष्य पूर्ति के लिए कार्य योजना बनाना सुनिश्चित करने कहा है।*मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना*

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*किसानो को पौधारोपण करने पर मिलेगी 10 हजार की सहायता राशि*

*कलेक्टर ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर लाभ लेने की अपील*

_*गोपाल सिंह विद्रोहीप्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़*
सूरजपुर/ आज 20 जून कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने “मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना“ अंतर्गत शासन की योजनाओ का लाभ लेने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने जिले के किसानो से अपील की है।
कलेक्टर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जायेगा तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी।
उन्होनें कहा कि किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हो, यदि वे धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टे प्राप्त किसान भी अपनी उस जमीन पर हरियाली प्रसार योजना के तहत 4 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से 2500 पौधा लगाकर 10000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन प्राप्त कर सकेंगे।
कलेक्टर ने कहा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने एवं विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।
उन्होनें योजना के उद्देश्य में बताया कि निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक, औद्योगिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देना, पर्यावरण में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों को कम करना है। कृषकों की आय में वृक्षारोपण के माध्यम से वृद्धि करते हुये उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार लाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि की उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियां योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। जिस वन, राजस्व वन भूमि पर वनअधिकार पत्र दिये गये है, उस भूमि पर भी हितग्राहियों की सहमति से ईमारती, फलदार, बांस, लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों का रोपण किया जा सकेगा।
इस योजना के अंतर्गत कलेक्टर ने वनमण्डाधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने सभी फाॅरेस्ट गार्ड को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में 5-5 एकड़ में वृक्षारोपण का लक्ष्य दे एवं लक्ष्य पूर्ति के लिए कार्य योजना बनाना सुनिश्चित करने कहा है।

Ashish Sinha

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