एन पी गवेल क्या बिलासपुर से ही आई ए एस प्रोमोट होंगे?सरकारी जमीनों के फ़र्ज़ी रजिस्ट्री पत्रक बनाकर बेचने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आम आदमी को परेशान करने वाले अधिकारी शासन एवम प्रशासन के आंखों का तारा कैसे?
एन पी गवेल क्या बिलासपुर से ही आई ए एस प्रोमोट होंगे?सरकारी जमीनों के फ़र्ज़ी रजिस्ट्री पत्रक बनाकर बेचने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आम आदमी को परेशान करने वाले अधिकारी शासन एवम प्रशासन के आंखों का तारा कैसे?बिलासपुर 【प्रशासनिक डेस्क】22 जून 2021 नारायण प्रसाद गवेल प्रतिदिन आम आदमी का पाला इस अधिकारी से पड़ता है। शहर से लगे सकरी में नायब तहसीलदार इसके पश्चात बिलासपुर अतिरिक्त तहसीलदार और यहीं से तहसीलदार और अब प्रमोशन पर इसी शहर में डिप्टी कलेक्टर। परंतु अब ऐसा लगने लगा है की एन पी गवेल बिलासपुर से ही आईएएस प्रमोट होंगे। परंतु एक बात सर्वविदित है की इनके क्रियाकलापों से आम आदमी अत्यधिक परेशान हैं। यहां आने से पहले वह सकरी में नायब तहसीलदार थे वहां की भी जनता इनसे बहुत परेशान थी। परंतु बिलासपुर में आकर वे अंगद के पैर की भांति जम गए। जमीनों के फर्जी रजिस्ट्री के मामले जब इनके पास आते हैं आम जनता इस तरह के मामले से परेशान रहते हैं इनसे न्याय की अपेक्षा करते हैं सालों साल तहसील का चक्कर लगाते हैं परंत गवेल साहब कुछ नहीं करते सिर्फ पेशी पर पेशी देते रहते हैं। परंतु बहुत दिन बाद पता चलता है की जिस जमीन के न्याय के लिए आदमी भटक रहा है उसके फर्जीवाड़े में एन पी गवेल का ही हाथ है। हमारे क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन न्यूज़ नेटवर्क के पास मोपका के सरकारी जमीनों के दस्तावेज हैं जिसमें यह महोदय फर्जी कंपनी बनाकर जमीन खरीदी विक्री करने वालों के पार्टनर के रूप में काम किया। शासन इन्हें सम्मानजनक वेतन, पद प्रतिष्ठा के साथ सारी सुविधाएं प्रदान करती है परंतु ये शासन को ही चुना लगाने में व्यस्त रहते हैं। इनके फर्जीवाड़े के कारण शासन को करोड़ों की राजस्व की क्षति होती है। इस तरह के अधिकारी ही जमीन माफिया तैयार करते हैं। सरकारी जमीनों को कब्जा करने के लिए गुंडों को प्रोत्साहित करते हैं। एन पी गवेल तहसील के डायस में भी कम बैठते हैं। अचानक उनके किसी खासम खास कर फोन आ जाता है तो वह डायस से उतरकर तुरंत कमरे के अंदर चले जाते हैं और अंदर से बंद हो जाता है और अंदर चलता है सिर्फ डीलिंग ही डीलिंग एक कहावत है की डायन भी एक घर छोड़ती है। परंतु यह तो जमीन के फर्जी बारे में इस तरह लीन है कि किसी को भी नहीं छोड़ रहे हैं। 5400 रुपए ग्रेड पे पर करीब 45 हज़ार रुपए वेतन पाने वाले एन पी गवेल 2500 रुपए के शर्ट एवम 3500 रुपए के ब्रांडेड पैंट पहनते हैं 18 लाख की कार में घूमते हैं यह कैसा संभव है क्योंकि हमें उनकी पुश्तैनी संपत्ति के विषय में पूरी जानकारी है। एन पी गवेल का लेखा जोखा रखने का काम ई ओ डब्लू ने शुरू कर दिया है। एन पी गवेल जैसा अधिकारी सरकारी सिस्टम को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। शासन प्रशासन को चाहिए कि इस तरह के अधिकारी जो शासन एवं सत्ता की छवि खराब कर रहा है इन्हें बिलासपुर शहर से हटाकर जनता के साथ न्याय करें।
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