चुनावी चंदा घोटाला क़े लिए भाजपा कि मान्यता रद्द किया जाय

चुनावी चंदा घोटाला क़े लिए भाजपा कि मान्यता रद्द किया जाय

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इलेक्ट्रोरल बांड भाजपा क़े भ्रष्टाचार का नमूना

मोदी सरकार ने कंपनियों पर ईडी, सीबीआई से छापा मरवाकर भाजपा के लिये चंदा वसूला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि मोदी सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी दलों के नेताओं के दमन के साथ ईडी, आईटी, सीबीआई का दुरुपयोग कर भाजपा का वसूली एजेंट बना दिया है। जहां चुनाव होते है वहां के विपक्षी दलों नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराये जाते है। ईडी के द्वारा षडयंत्र रचा जाता है। पूरे देश में यहीं स्थिति है।
ईडी सीबीआई, आईटी व्यापारिक घरानों उद्योगपतियों के यहां छापा मारती है। उसके बाद भाजपा को चंदा देने दबाव बनाया गया। हजारो करोड़ रूपये वसूला गया। सरकार प्रायोजित अवैध वसूली का इससे बड़ा उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं मिलेगा। सरकार जिसकी लोगों के जान माल के संरक्षण देने की कानूनी जवाबदारी होती है। उसी ने केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से वसूली किया। मोदी सरकार ने ईडी, आईटी, सीबीआई को अपना गुर्गा बना लिया है।  

ऽ इलेक्टोरल बांड से संबंधित जो जानकारी सामने आई है उससे साफ हो गया इलेक्टोरल बांड मोदी सरकार द्वारा भाजपा को फायदा पहुंचाने के
लिये लाया गया था।
ऽ यह देश का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी चंदा घोटाला है।
ऽ मोदी सरकार ने व्यवसायिक संस्थानों को केन्द्रीय एजेंसियो के माध्यम से डरवा कर छापे मारवाकर गलत कार्यवाही करवा कर इलेक्टोरल बांड
के माध्यम से वसूली करवाया।
ऽ इलेक्टोरल बांड के माध्यम से मोदी सरकार ने घूस भी वसूला। जिन कंपनियो ने भाजपा को चुनावी चंदा दिया उनको हजारो करोड़ रू. के ठेके
दिये गये।
ऽ जिन कंपनियो ने भाजपा को चंदा दिया उनके खिलाफ मनीलांड्रिंग की कार्यवाही मोदी सरकार  ने रोकवा दिया।
ऽ इलेक्टोरल बांड से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद यह साफ हो गया की भाजपा नें अपने आर्थिक लाभ क़े लिए सारा षड्यंत्र किया।
इसीलिए स्टेट बैंक इसको छुपाना चाह फिर थी जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 1,300 से अधिक कंपनियों और व्यक्तियों ने
इलेक्टोरल बांड के रूप में दान दिया है,।
ऽ 2019 के बाद से भाजपा को 6,000 करोड़ से अधिक का दान मिला है।
ऽ ऐसी कई कंपनियों के मामले हैं जिन्होंने इलेक्टोरल बांड दान किया है और इसके तुरंत बाद इन कपंनियो ने मोदी सरकार से भारी लाभ प्राप्त
किया है।
ऽ मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने 800 करोड़ रुपए से अधिक इलेक्टोरल बॉन्ड में दिए हैं। अप्रैल 2023 में, उन्होंने 140 करोड़ डोनेट किया और
ठीक एक महीने6  बाद, उन्हें 14,400 करोड़ रुपए की ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट मिल गया।
ऽ जिंदल स्टील एंड पावर ने 7 अक्टूबर 2022 को इलेक्टोरल बॉन्ड में 25 करोड़ रुपए दिए और सिर्फ़ 3 दिन बाद वह 10 अक्टूबर 2022 को
गारे पाल्मा 4/6 कोयला खदान हासिल करने में कामयाब हो गया।
ऽ भाजपा ने इलेक्टोरल बांड के माध्यम से हफ्ता वूसली किया। ईडी/सीबीआई/आईटी के माध्यम से किसी कंपनी पर छापा मारो और फ़िर कंपनी
की सुरक्षा के लिए हफ़्ता (“दान“) वसूला।
ऽ शीर्ष 30 चंदादाताओं में से कम से कम 14 पर छापे मारे गए हैं। इस साल की शुरुआत में एक जांच में पाया गया कि ईडी/सीबीआई/आईटी
छापे के बाद, कंपनियों को चुनावी ट्रस्टों के माध्यम से भाजपा को दान देने के लिए मजबूर किया गया था।
ऽ हेटेरो फार्मा और यशोदा अस्पताल जैसी कई कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से चंदा दिया है।
ऽ इनकम टैक्स विभाग ने दिसंबर 2023 में शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स पर छापा मारा और जनवरी 2024 में उन्होंने इलेक्टोरल बांड के माध्यम से
40 करोड़ रुपए का दान दिया।
ऽ फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स ने 1200 करोड़ रुपए से अधिक का दान दिया है जो इसे अब तक के आंकड़ों में सबसे बड़ा दान देने वाला बनाता
है।
ऽ आप क्रोनोलॉजी समझिए – 2 अप्रैल 2022 : ईडी ने फ्यूचर पर छापा मारा, और 5 दिन बाद (7 अप्रैल) को उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड में 100
करोड़ रुपए का दान दिया। अक्टूबर 2023 : आईटी विभाग ने फ्यूचर पर छापा मारा, और उसी महीने उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड में 65 करोड़
रुपए का दान दिया।
ऽ इलेक्टोरल बांड के माध्यम से मोदी सरकार ने रिश्वत लेने का नया तरीका खोजा। आंकड़ों से एक पैटर्न उभरता है, जिसमें केंद्र सरकार से कुछ
मदद मिलने के तुरंत बाद कंपनियों ने चुनावी बांड के माध्यम से एहसान चुकाया है।
ऽ वेदांता को 3 मार्च 2021 को राधिकापुर पश्चिम प्राइवेट कोयला खदान मिला, और फिर अप्रैल 2021 में उन्होंने चुनावी बांड में 25 करोड़ रुपए
का दान दिया।
ऽ मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा को अगस्त 2020 में 4,500 करोड़ का जोजिला सुरंग प्रोजेक्ट मिला, फिर अक्टूबर 2020 में उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड   बांड में 20 करोड़ रुपए का दान दिया।
ऽ मेघा को दिसंबर 2022 में बीकेसी बुलेट ट्रेन स्टेशन का कॉन्ट्रैक्ट मिला, और उन्होंने उसी महीने 56 करोड़ रुपए का दान दिया।
ऽ इलेक्ट्रोरल  बांड घोटाला भाजपा कि बदनियति  भ्रस्टाचार का सबसे बड़ा सबूत है भाजपा नें ईडी  आईटी सीबीआई को अपना चंदावसूली एजेंट
बना दिया था।
ऽ कांग्रेस पार्टी राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग से मांग करती है कि इस कदाचरण क़े लिए भाजपा कि मान्यता समाप्त कर उसके चुनाव
लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाय।

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भूपेश बघेल पर एफआईआर भाजपा का षड्यंत्र

महादेव ऐप मामले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ एफआईआर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा का षडयंत्र बताते हुये कहा कि विधानसभा के पहले भी ईडी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीतने के लिये छत्तीसगढ़ में तरह-तहर के प्रोपोगंडा अपनाये और आरोप लगाये। षंडयंत्र पूर्वक तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उपर एफआईआर किया। इससे सीधा-सीधा साफ है कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से चुनाव मैदान में डर गयी है और अपने आप को हार मान चुकी है। इसलिये इस तरह के हथकंडे अपना रहे है। महादेव मामले में हमारी सरकार में कई एफआईआर हुये। हमारी सरकार में कई गिरफ्तारी हुयी। हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखा कि महादेव ऐप बंद किया जाये, बंद हुआ नहीं बल्कि पिछले बजट में बयान आता है वित्त मंत्री का महादेव ऐप को शायद जारी रखा जायेगा। महादेव ऐप को बंद करने की जरूरत नहीं है। कल ही बयान आता है मंत्री बृजमोहन अग्रवाल महादेव ऐप को बंद करने की जरूरत नहीं। यह बताता है कि भाजपा ऐप को संरक्षण दे रही है। उसपे कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है? कार्यवाही नहीं करने से साफ हो कि भाजपा उसको बचा रही। कही ऐसा तो नहीं महादेव ऐप से भाजपा को चंदा आ रहा है।