
कोविड टीकाकरण में लोगों की अभिरुचि नहीं
ग्राम पंचायत स्तर पर टीकाकरण व्यवस्था कराने पर भी लोग नहीं पहुंच रहे हैं टीका केंद्र डॉक्टर प्रशांत
ग्राम पंचायत स्तर पर टीकाकरण व्यवस्था कराने पर भी लोग नहीं पहुंच रहे हैं टीका केंद्र डॉक्टर प्रशांत
गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़- कोविड वैक्सीनेशन टीकाकरण से लोगों का मोहभंग होता जा रहा है लोगों में अपने और अपने परिवार की जानकी चिंता नहीं है।इन दिनों संक्रमण की गति धीमी होने के साथ ही लोग काफी लापरवाह हो गए है सामाजिक दूरी का पालन न करना, मास्क न लगाना एवं हाथों का सेनीटाइज न करना भूल गए है। शासकीय एवं अशासकीय दफ्तरों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही जिसे रोकने वाला अब दूर दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा है। यही हाल रहा तो संक्रमण पुनः अपने चपेट में में ले ले इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जानकारी के अनुसार बुधवार को कोयलांचल के साथ-साथ पूरे जिले में मात्र 3 संक्रमित पाए गए ।लगातार कोरोना पर नियंत्रण होने से लोग इतना लापरवाह हो गए हैं कि उन्हें लगता है करोना अब समाप्त हो गया है जबकि यह मात्र भ्रम है ।कभी संक्रमितो की संख्या बढ़ती है तो कभी घटती है परंतु लोग बेधड़क बिना मास लगाएं घर से निकल रहे हैं। सामाजिक दूरी का धत्ता बता कर बैंकों में जबरदस्त भीड़ हो रही है आलम यह है कि लोग एक दूसरे ऊपर धक्का-मुक्की कर चढ़ है ।इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।
*कोविड टीकाकरण में लोगों की अभिरुचि नहीं*
कोविड टीका लगवाने लोगों में अब अभिरुचि नहीं देखी जा रही है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुर के प्रभारी एवं सुरजपुर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रशांत सिंह से संपर्क करने पर इस संबंध में बताया कि वैक्सिंग का टीका अब पर्याप्त मिल रहा है। प्रतिदिन प्रत्येक चिकित्सा खंड क्षेत्र में 2500 सौ वैक्सिंग मिल रहा है जबकि खंड चिकित्सा क्षेत्र में कूल 55 केंद्रों पर प्रतिदिन 458 टीके लग पा रहा हैं। इसका मुख्य कारण लोगों का टीका में अभिरुचि न होना , अफवाह फैलना, तरह तरह की भर्तियां होना, जागरूकता की कमी को दर्शाता है। डॉ प्रशांत सिंह ने बताया कि पहले प्रति टीकाकरण केंद्र पर 500 टीका लगाए जाते थे जबकि अब 55 केंद्रों पर महज 458 ही टीका लग रहा है जो चिंता का विषय है। डॉ सिंह ने बताया अब प्रत्येक निकायों के घर घर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग से जुड़े कर्मचारी टीकाकरण के लिए जा रहे है परंतुकोई टीका लगा नहीं रहा है। अब चाहिए कि जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाएं सामने आकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करें और टीकाकरण केंद्र पर लाए।









