
शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह की जयंती पर गुरुद्वारा परिसर मे दी गई श्रद्धांजलि
शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह की जयंती पर गुरुद्वारा परिसर मे दी गई श्रद्धांजलि
गोपाल सिंह विद्रोही विश्रामपुर -शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह की 115 की जयंती पर लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जानकारी के अनुसारशहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की आज उनकी 115 वी जयंती पर लोगों ने याद किया। आज गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में सिख समाज सही अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी । इस अवसर पर सिख समाज के सरदार रणवीर सिंह भामरा ने भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पाकिस्तान के पंजाब में स्थित लयालपुर के बांगा गांव के एक सिख परिवार में हुआ था, भगत सिंह को जब फांसी दी गई उनकी उम्र महज 23 वर्ष कि थी ।उनकी शहादत के बाद देशवासियों ने आजादी की लड़ाई में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । ऐसे देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह जी की साहस हमें प्रेरित करता है। हम अपने राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, गुरुद्वारा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में रंजीत कौर, रोमा कोर, निर्मल कौर ,मनी बग्गा , परमजीत सिंह गोलू बग्गा, शानू मखीजा ,कर्नल सिंह ,अवनीश सिंह, मिथलेश जायसवाल ,अंकित सिंह राजू अंसारी , स्वामी कुमार गौरव, सत्यम, बुचुल, सहित अन्य लोग उपस्थित थे












