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22 अगस्त को कांग्रेस पूरे देश भर में ईडी कार्यालय का घेराव को लेकर टीएस सिंहदेव का प्रेसवार्ता !

22 अगस्त को कांग्रेस पूरे देश भर में ईडी कार्यालय का घेराव को लेकर टीएस सिंहदेव का प्रेसवार्ता !

सरगुजा //22 अगस्त को कांग्रेस पूरे देश भर में ईडी कार्यालय का घेराव करने जा रही है। इस बात की जानकारी आज पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एक प्रेसवार्ता में सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में दी। आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित यह प्रेसवार्ता हिडनबर्ग के द्वारा हाल ही में सेबी प्रमुख श्रीमति माधुरी बुच के क्रियाकलापों पर जारी रिपोर्ट को दृष्टिगत रखकर की गई थी। हाल में आयी हिडनबर्ग रिपोर्ट में सेबी प्रमुख श्रीमति माधुरी बुच पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने व्यक्तिगत हित को ध्यान में रखते हुए हिडनबर्ग रिपोर्ट के प्रकाशित होने के 18 माह बाद भी अदानी समूह के विरुद्ध को प्रभावी कारवाई नहीं की है। प्रेसवार्ता में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने हिडनबर्ग रिपोर्ट एवं अन्य व्हीसलब्लोअर के दस्तावेजों के आधार पर बिंदुवार यह बताया कि मारिशष बेस जिन ऑफशोर कंपनियों में गौतम अदानी के भाई विनोद अदानी के निवेश थे, जिनका उपयोग भारत में अदानी समूह के शेयरों में किया गयामें माधुरी बुच के द्वारा भी निवेश किया गया था। यह निवेश माधुरी बुच के पति धवल बुच के उस दोस्त की सलाह पर किया गया था जो कि अदानी की कंपनी में निदेशक था। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि माधुरी बुच और अदानी ग्रुप में आपसी कनेक्शन है। इसी कारण से हितों के टकराव के कारण अदानी समूह में शेयर होल्ड करने वाली इस मारीशस बेस ऑफशोर कंपनी के विरुद्ध सेबी ने कोई कारवाई नहीं की।

हिडनबर्ग रिपोर्ट एवं रायटर्स के जानकारी के आधार पर टी0एस0 सिंहदेव ने बताया कि श्रीमति माधुरी बुच के पति रियल स्टेट इन्वेस्टमेंट फंड जिसे रिट्ज कहा जाता है जैसे कामों को सम्हालने वाली कंपनी ब्लैकस्टोन के 2019 में सलाहकार बनाये गये। तब श्रीमति माधुरी बुच सेबी बोर्ड की पूर्णकालिक सदस्य थी। इसकी स्थापना धवल बुच के उन्हीं दोस्त ने की जो कि अदानी के निदेशक थे एवं जिनकी सलाह पर श्रीमति माधुरी बुच ने ऑफशोर फंड मंे निवेश किया था। सलाहकार नियुक्त होने के पहले श्री घवल बुच यूनिलीवर कंपनी में चीफ प्रिक्योरमंेट ऑफीसर थे। उन्हें रिट्ज जैसे कार्यो का कोई अनुभव नही था। बावजूद उसके उन्हें ब्लैकस्टोन कंपनी में निदेशक बनाया गया। श्रीमति माधुरी बुच पर यह आरोप है कि उन्होंने सेबी सदस्य होते हुए एवं इसके प्रमुख का पद सम्हालने के बाद रिट्ज से संबंधित नियमों में ऐसे बदलाव किये जिससे ब्लैकस्टोन कंपनी को काफी मुनाफा हुआ।

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श्रीमति माधुरी बुच पर यह भी आरोप है कि 2017 में सेबी बोर्ड में नियमित सदस्य नियुक्त होने के बाद से लेकर मार्च 2022 में सेबी प्रमुख बनने तक उन्होंने अगोरा नाम एक कंसल्टेंसी फर्म के माध्यम से लाभ प्राप्त करना जारी रखा। इस फर्म में उनकी 99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। मार्च 2022 में सेबी प्रमुख बनने के 2 हफ्ते पहले उन्होंने इस कंपनी में अपने शेयर को अपने पति धवल बुच को हस्तांतरित कर दिये। सरकार के नियमों के अनुसार सेबी बोर्ड के किसी भी पूर्णकालिक सदस्य को ऐसा पोस्ट होल्ड नहीं करना चाहिये जिससे उसे प्रॉफिट हो रही हो या उसे वेतन प्राप्त हो रहा हो। लेकिन सेबी बोर्ड में शामिल होने के बाद 4 वर्ष से अधिक अवधि तक श्रीमति माधुरी बुच अगोरा कंस्लटेंसी से जुडी रही और अतिरिक्त आय प्राप्त किया।

सिंहदेव ने कहा कि सेबी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह तर्क देै कि वो जांच में एक ऐसे दीवार के पास आ गई है, जिसके पार अब कुछ नहीं देख पा रही है, वास्तव में देश को गुमराह कर रही है। सिंहदेव ने कहा कि देश के करोडो निवेशकों के हित के लिये गठित सेबी की कार्यप्रणाली पारदर्शी होनी चाहिये। लेकिन जिस प्रकार से सेबी प्रमुख की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं उससे यह पूरी संस्था संदेह के घेरे में आ रही है। सेबी प्रमुख की कार्यप्रणाली से भविष्य मे शेयरधारकों को बडे नुकसान का अंदेशा है। ऐसे में सेबी को पारदर्शी बनाने एवं सेबी प्रमुख की अनियमितता, और उनके देख के बडे औद्योगिक घराने के साथ अनैतिक संबंध की जांचके लिये ज्वाईट पार्लियामेंर्टी कमेटी के माध्यम से जांच बेहद जरुरी है। बिना इस जांच के तथ्य सामने नहीं आ पायेंगे। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी बेबुनियाद अनियमितता की बात को लेकर ईडी विपक्षी दलों के नेताओं को तो तुरंत घेर लेती है, लेकिन हिडनबर्ग रिपोर्ट आने के 18 महीने बाद भी ईडी कान में तेल डालकर बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को कांग्रेस देशभर में ईडी कार्यालयों का घेराव कर विभिषण की नीद में सोयी ईडी को जगाने के साथ ही इस मामले में जे0पी0सी0 जांच की मांग भी करेगी। आज की प्रेसवार्ता में बालकृष्ण पाठक, जेपी श्रीवास्तव, डॉ. अजय तिकी, अजय अग्रवाल, शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, विनय शर्मा, हेमंत तिवारी, दुर्गेश गुप्ता, अशफाक अलि, अनूप मेहता, नरेन्द्र विश्वकर्मा, अजय सिंह आदि मौजूद थे।

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