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भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय देवी अहिल्याबाइ होलकार-दीक्षा 

भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय देवी अहिल्याबाइ होलकार-दीक्षा 

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संस्कार सेवा समिति अंबिकापुर द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर कि इस वर्ष त्रिशताब्दी जयंती समारोह मनाने के अंतर्गत आज दरिमा कन्या विद्यालय में व्याख्यान रखा गया जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य श्रीमती रेणु बाला यादव ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता दीक्षा अग्रवाल सह सचिव संस्कार सेवा समिति (सरगुजा विश्वविद्यालय प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष, कन्या शक्ति संयोजिका भजयुमो छत्तीसगढ़ )उपस्थिति रही । उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई ने ढह रही भारतीय संस्कृति और सभ्यता को पुनर्स्थापित किया। वे एक ऐसी रानी के तौर पर हमेशा याद की जाती हैं ,जिन्होंने बहुत ही दयालुतापूर्वक शासन किया।उन्हें अपनी प्रजा के लिए अच्छी व्यवस्था करने के साथ मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए भी जाना जाता है. अहिल्याबाई होलकर को काशी के विश्वनाथ मंदिर, पुराने सोमनाथ और अयोध्या के राममंदिर के जीर्णोद्धार का श्रेय जाता है। अहिल्याबाई होलकर ने उस दौर में राज्य की सत्ता संभाली थी, जब किसी महिला के लिए हुकूमत चलाना की सोच पाना भी मुश्किल था। ऐसे दौर में उन्होंने राज्य सत्ता को तकरीबन 28 साल तक सफलता से चलाया। अच्छे शासन के साथ जीवनपर्यन्त दानपुण्य के असाधारण कार्य को दिया जाने वाला बढ़ावा, अहिल्या बाई के उदार शासन की अमिट धरोहर है। यह कार्य केवल इंदौर ही नहीं बल्कि अखिल-भारतीय स्तर पर किए गए थे। उन्होंने थके- मांदे मुसाफिरों के लिए विश्राम गृह, नदियों पर घाट और भारत पर अनेक सदियों के इस्लामिक आक्रमणों के बाद ध्वस्त हो चुके शिक्षा संस्थानों एवं मंदिर तथा मठों के निर्माण के लिए खुलकर अनुदान दिए थे। भारत के आधुनिक इतिहास के पूर्वाध में सभ्यता के पुनरुत्थान को सुदृढ़ करने में अहिल्याबाई का नाम शीर्ष पर है। इंदौर की ये रानी कितनी दूरदर्शी थी कि उसने माहेश्वरी हथकरघे को संरक्षण देकर बुनकरों के रोजगार की व्यवस्था भी की। हाथ में शंकर के प्रतीक, शिवलिंग लेकर सौम्य छवी के साथ सदैव प्रजा की भलाई और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में लगी इस रानी को सच में भारतीय इतिहास के अविस्मरणीय योद्धा के तौर पर याद किया जाएगा। उपस्थित शिक्षक श्री अजय कुमार कश्यप ने बताया की लोक माता अहिल्या बाई होलकर का जीवन परिचय दिया। विद्यालय की छात्रा कु.शीतल सिंह,कु.रिया सोनी,कु.अमृता सिंह व कु.लक्ष्मी विश्वकर्मा ने भी मंच से अपनी बात रखी।कार्यक्रम का संचालन अंजना श्रीवास्तव जी ने किया।
विद्यालय के शिक्षक ज्योति दामले,गीता नायक,अजय कुमार कश्यप,स्वाति केरकेट्टा,विशाल श्रीवास्तव,बृजपाल सिंह,कल्पना मिधर अनिता लकड़ा,सुबानि एक्का,शैलेन्द्र सिंह,रवि मंडलवार, विकास सिंग व सैकड़ो की संख्या में विद्यालयीन छात्राये कार्यकर्म में उपस्थित रहे।

Ashish Sinha

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