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किडनी की बीमारी से आकाश चौहान की मौत ने शहर को गमगीन कर दिया!

किडनी की बीमारी से आकाश चौहान की मौत ने शहर को गमगीन कर दिया!

गोपाल सिंह विद्रोही//विश्रामपुर //सूरजपुर// नगर के लोकप्रिय युवक आकाश सिंह चौहान का किडनी की बीमारी ने हमेशा के लिए निगल लिया जिससे पूरा शहर में मातम सा माहौल है ।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल विश्रामपुर के केंद्रीय चिकित्सालय में पदस्थ लिपिक नरेंद्र सिंह चौहान का इकलौता 27 वर्षीय पुत्र आकाश सिंह चौहान बीते 1 वर्ष से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, जिन्हें इलाज एवं डायलिसिस रायपुर की एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था तो वही किडनी ट्रांसप्लांट के लिए वेदांता चिकित्सालय दिल्ली के लिए तैयारी भी परिजनों द्वारा कि जा रही थी। युवक की माता का किडनी मैचिंग भी कर गया था जिसे पूरी तैयारी के साथ दिल्ली जाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच रायपुर में डायलिसिस के दौरान ब्रेन हेमरेज का आकाश शिकार हो गया और अंततः इस दुनिया से अपनी लीला समाप्त कर ली। युवक आकाश ने अपनी अंतिम दैहिक संस्कार वाराणसी में मृत्यु पूर्व अपने परिजनों को करने की इच्छा जताई थी । आज युवक आकाश के बड़े पिता अनिल सिंह चौहान,, चाचा बीजेपी नेता दीपेंद्र सिंह चौहान ने अपने रिश्तेदारों एवं मित्रों के साथ वाराणसी के लिए रवाना हो गए जहां आकाश का दैहिक संस्कार किया जाएगा ,उधर इस दुखद घटना से पूरा शहर में शोक का वातावरण है। आकाश का 27 वर्ष की अवस्था में यूं ही किडनी का शिकार होना और अल्प आयु में मृत्यु के आगोश में समा जाना वास्तव में परिजनों के लिए बड़ी पीड़ा दायक तो वही पुरा शाहर भी है सदमे में है।

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विश्रामपुर में किडनी के मरीजो की बढ़ती संख्या से भयभीत हैं लोग

इस संबंध में बताया जाता है कि विश्रामपुर में आसपास के गांवों से ज्यादा किडनी के मरीज पाए जाते हैं ,इसका मुख्य कारण बताया जाता है कि एसईसीएल का फिल्टर प्लांट का पानी ज्यादा ही प्रदूषित है जो कामगारों के घरों में आपूर्ति किया जाता है तो वही दूसरी तरफ बोर के पानी में अधिकतर आयरन की मात्रा होने के कारण भी लोग किडनी की बीमारी के शिकार हो रहे हैं ।बताया जाता है कि बोर के पानी में आवश्यकता से ज्यादा आयरन की मात्रा है। अधिकतर बोर से आयरन युक्त पानी निकलता है जिससे पूरा पानी लाल एवं पीले हो जाते हैं जो पीने योग्य होता ही नहीं है ऐसे प्रदूषण जल सेवन से किडनी की बीमारियां सहित पेट की बीमारियों से परेशान है कर्मचारी। बताया जाता है कि एक तरफ एसईसीएल के फिल्टर प्लांट से नदी का प्रदूषित जल घरों में सप्लाई किया जाता है जिससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो रही है तो वही बोरिंग से आपूर्ति होने वाला जल में आयरन की मात्रा अधिक होने से विश्रामपुर के लोग पेट की बीमारियों का शिकार हो रहे है।

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