पीएम विश्वकर्मा योजना से बदली कोरबा के बलराम कुंभकार की जिंदगी, टेलरिंग व्यवसाय को मिली नई पहचान

पीएम विश्वकर्मा योजना से बदली बलराम कुंभकार की किस्मत, टेलरिंग व्यवसाय को मिली नई पहचान

कोरबा | 20 फरवरी 2026|यह प्रेरक कहानी है कोरबा निवासी बलराम कुंभकार की, जिन्होंने अपनी मेहनत और छत्तीसगढ़ शासन की पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रभावी उपयोग से अपने पारंपरिक टेलरिंग (दर्जी) व्यवसाय को नई दिशा और पहचान दी है।

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हितग्राही बलराम ने लाइवलीहुड कॉलेज, कोरबा से टेलर ट्रेड में कौशल विकास प्रशिक्षण की शुरुआत की। उन्होंने 7 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया, जिसके पश्चात शासन द्वारा उन्हें 4,000 रुपये की स्टाइपेंड राशि प्रदान की गई।


बिना गारंटर 1 लाख का ऋण, व्यवसाय को मिला विस्तार

अपने व्यवसाय को विस्तार देने के उद्देश्य से बलराम को बिना किसी गारंटर के 1 लाख रुपये का ऋण भी प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने अपने कार्यस्थल को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कर व्यवसाय को उन्नत स्वरूप दिया।

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एडवांस ट्रेनिंग से बढ़ रही दक्षता

वर्तमान में बलराम 15 दिवसीय एडवांस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें वे नवीन डिजाइन, आधुनिक सिलाई तकनीक और उन्नत मशीनों का उपयोग सीख रहे हैं। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 7,500 रुपये का स्टाइपेंड एवं 1,000 रुपये का यात्रा भत्ता भी दिया जा रहा है।


भविष्य की ओर आत्मनिर्भर कदम

बलराम को विश्वास है कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात मिलने वाली 2 लाख रुपये तक की बिना गारंटर ऋण सुविधा उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उनका कहना है कि लाइवलीहुड कॉलेज एवं शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जगाई है।