प्रधानमंत्री मोदी ने कज़ान में गांधी पर प्रदर्शनी देखी

प्रधानमंत्री मोदी ने कज़ान में गांधी पर प्रदर्शनी देखी

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कज़ान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महात्मा गांधी पर एक प्रदर्शनी देखी, जो कज़ान की उनकी यात्रा के अवसर पर लगाई गई थी।

मोदी 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इस केंद्रीय रूसी शहर में पहुंचे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर कहा, “प्रधानमंत्री @narendramodi ने कज़ान की अपनी यात्रा के अवसर पर महात्मा गांधी पर एक प्रदर्शनी देखी। प्रदर्शनी में अन्य बातों के अलावा लियो टॉल्स्टॉय के साथ महात्मा के जुड़ाव को दर्शाया गया। यह प्रदर्शनी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि लियो टॉल्स्टॉय कई वर्षों तक कज़ान में रहे और अध्ययन किया।”

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काउंट लियो टॉल्स्टॉय, एक रूसी कुलीन, और मोहनदास करमचंद गांधी दो महान नेता थे जिन्होंने अहिंसा, सार्वभौमिक प्रेम, सबसे कमजोर लोगों के लिए चिंता, हम जो भी करते हैं उसमें नैतिक रुख और व्यक्तियों, समूहों और साथ ही राष्ट्रों के बीच संघर्षों का अहिंसक समाधान का उपदेश दिया।

आस्था भारती की त्रैमासिक पत्रिका “डायलॉग” के अनुसार, गांधीजी न केवल अहिंसा और अहिंसक प्रतिरोध के संबंध में टॉल्स्टॉय से प्रेरित थे, बल्कि उनके ‘रोटी श्रम’ के विचार और गरीबों सहित दूसरों की पीठ से ‘उठने’ के इसके सहवर्ती विचार से भी प्रेरित थे।

उन्होंने टॉल्स्टॉय के ‘रोटी श्रम’ के सिद्धांत को काम करने के कर्तव्य और अधिकार के पूर्ण विकसित सिद्धांत के रूप में विकसित किया।