सफलता की कहानी : जया बाई का सहारा बना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

बिहान से जुडी जया बाई को योजना के तहत् मिले 2 लाख रूपये

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योजना से मिली राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई व भविष्य संवारने में लगाएगी

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धमतरी / गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार के भरण पोषण का पूरा दारोमदार परिवार के मुखिया पर होता है, लेकिन किसी दुर्घटना, बीमारी या किसी अन्य कारण से परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाये, तो पूरा परिवार बिखर जाता है। ऐसे परिवार को अपने जीवन यापन करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसे ही निर्धन एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक सृदृढ़त प्रदान करने के उद्देश्य से 9 मई, 2015 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत, यदि किसी की मृत्यु हो जाती है, तो बीमाधारक के परिवार या नामित व्यक्ति को दो लाख रुपये की बीमा राशि मिलती है। धमतरी जिले के ग्राम कोपेडीह की श्रीमती जया बाई को इस योजना के तहत 2 लाख रुपए बीमा से प्राप्त हुआ है।
श्रीमती जया बाई जोशी कहतीं हैंकि उनके पति शंकरलाल जोशी की मृत्यु होने के बाद वह परिवार के भरण-पोषण की चिंता करने लगी। ऐसे में उनके जीवन का सहारा बना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना। वे बतातीं हैं कि योजना के तहत उन्हें 2 लाख रूपये का चेक बीते माह प्राप्त हुआ है। ज्यादा पढ़ी लिखी नही होने के कारण उन्हें बाहरी दुनिया ज्ञान कम था, लेकिन जया बाई यह जानती थी कि सुरक्षित भविष्य के लिए बीमा कराना कितना आवश्यक है। उन्होंने अपना और अपने पति का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत् 436 रूपये देकर बीमा करवाया था। अपने परिवार के भरण पोषण के लिए वह वह गांव के जय मा वैभव लक्ष्मी समूह की सदस्य भी बन गयी। उनके पति की मृत्यु होने पर उन्हें 2 लाख रूपये मिले है। अब वह इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य संवारने में करेंगी।