
गणतंत्र दिवस 2026: नागरिक-केंद्रित शासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों पर पीएम मोदी का संदेश
गणतंत्र दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिक-केंद्रित शासन, संविधान, सुरक्षा बलों की शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित किया।
गणतंत्र दिवस 2026: नागरिक-केंद्रित शासन, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव — पीएम मोदी
नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026 |गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिक-केंद्रित शासन, संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक परंपराओं को रेखांकित करते हुए कई महत्वपूर्ण संदेश साझा किए।
नागरिक-केंद्रित शासन पर लेख साझा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जिसमें आज के भारत में नागरिकों को शासन के केंद्र में रखने पर जोर दिया गया है। लेख में सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने और आर्थिक समावेशन को सक्षम बनाने की दिशा में गणतंत्र की प्रगति को रेखांकित किया गया है, जो एक कल्याणकारी लोकतांत्रिक गणराज्य की संवैधानिक परिकल्पना को सुदृढ़ करती है।
रक्षा मंत्री के X पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा—
“गणतंत्र दिवस पर रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी ने स्पष्ट किया है कि आज शासन के केंद्र में नागरिक हैं। सामाजिक न्याय और आर्थिक समावेशन की दिशा में गणराज्य की प्रगति संविधान की कल्याणकारी लोकतांत्रिक परिकल्पना को सशक्त करती है।”
गणतंत्र दिवस समारोह पर पीएम की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने गणतंत्र दिवस को अपार उत्साह और गर्व के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती, समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति भारत–यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती मजबूती और साझा मूल्यों को दर्शाती है।
सुरक्षा बलों की शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन
पीएम मोदी ने कहा कि परेड में भारत की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी क्षमता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने सुरक्षा बलों को राष्ट्र का गौरव बताते हुए उनकी बढ़ती क्षमताओं की सराहना की।
साथ ही, कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने X पर लिखा—
“भारत ने गणतंत्र दिवस को उत्साह और गर्व के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर भव्य परेड ने हमारे लोकतंत्र की शक्ति, विरासत की समृद्धि और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित किया।”
संस्कृत सुभाषित के माध्यम से संदेश
प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए स्वतंत्रता और एकता के महत्व को रेखांकित किया—
“पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः।
अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥”
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
देशवासियों को शुभकामनाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे तथा विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत हो।
राष्ट्रपति के संबोधन की सराहना
प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रेरणादायी संबोधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार संविधान की विशिष्टता को रेखांकित करते हैं और नागरिकों को लोकतंत्र सुदृढ़ करने तथा संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।








