
चेक अनादरण के के मामले में आरोपी को किया गया दोष मुक्त।
राजपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट राजपुर श्री आलोक पांडेय ने परिवादी पुरनचन्द जायसवाल द्वारा प्रस्तुत अपराधिक परिवाद प्रकरण क्रमांक 199 / 2019 निरस्त करते हुए पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शिवनाथ यादव को वाद हेतुक के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त परिवाद 18/ 03/2019 को परिवादी द्वारा प्रस्तुत किया गया था जिसमें सुनवाई के दौरान परिवादी ने स्वयं अपना साक्षी व दस्तावेज साक्षय प्रस्तुत किया था इसके अतिरिक्त आरोपी ने स्वयं के अलावा अपने बचाव में पांच अन्य स्वतंत्र साथियों को न्यायालय में कथन कराए थे और स्वयं को निर्दोश होना बताया था।
उल्लेखनीय है कि परिवादी ने परिवाद में बताया था कि आरोपी शिवनाथ यादव ने 3 लाख रुपए नगद उधार लिए थे जिन्हें चुकाने के लिए चेक क्रमांक 30 6495 जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजपुर शाखा का प्रदान किया था जिसे परिवादी ने अपने बैंक खाते में जमा किया था बाद में चेक अनादरण की सूचना प्राप्त होने पर न्यायालय में मामला पर प्रस्तुत किया गया था वहीं आरोपी की ओर से न्यायालय में यह तथ्य रखा गया कि परिवाद में मांग सूचना पत्र विधिक रूप से प्रदान नहीं की गई है इसके अलावा परिवाद समय पूर्व प्रस्तुत की गई है तथा आरोपी की ओर से न्यायालय के समक्ष यह भी तथ्य रखे गए की किसी भी प्रकार का कोई लेन देन नहीं हुआ है, विधानसभा 2018 के चुनाव के दौरान दोनों ही राजनीतिक दलों से संबंध रखने वाले परिवादी व आरोपी भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री के घर बैठे हुए थे इसी दौरान वहां काफी संख्या में लोग मौजूद थे और राजनीतिक चर्चा चल रही थी वहां पर शर्त लगाने के दौरान उभय पक्षों ने अपने-अपने चेक जमा किए थे परंतु बाद में चेक का उपयोग राशि आहरण के लिए किया गया जबकि चेक किसी दायित्व के उन्मोचन के लिए नहीं दिया गया था,उभय पक्षों की लंबी सुनवाई पक्ष मामले में लगभग 6 वर्षों बाद फैसला आया है।
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता सुनील सिंह, जितेंद्र गुप्ता, जसवंत यादव परिवादी की ओर से रामनारायण जायसवाल अधिवक्ता ने पैरवी की थी।
पूर्व जिला अध्यक्ष शिवनाथ यादव ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मिला है बगैर किसी दायित्व के लगभग 6 वर्षों तक न्यायालय में नियमित कार्यवाही में भाग लेने पश्चात इसी फैसले की उम्मीद थी इस फैसले से न्याय पर भरोसा और बढ़ गया है।











