घुमंतू पशुओं से दुर्घटना रोकथाम एवं व्यवस्थापन की पहल

घुमंतू पशुओं से दुर्घटना रोकथाम एवं व्यवस्थापन की पहल

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डीएमएफ अंतर्गत स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के साथ गौआश्रय हेतु राशि स्वीकृति

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कोरबा/ छ०ग० शासन एवं माननीय उच्च न्यायालय छ0ग0 बिलासपुर में लंबित प्रकरण जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों में घुमन्तु पशुओं से होने वाली दुर्घटना की रोकथाम एवं पशुओं के समुचित व्यवस्थापन हेतु प्रत्येक जिले को निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा पाली एवं पोंड़ी उपरोड़ा विकासखंड के 02 ग्रामों में गौआश्रय खोले जाने का निर्णय लिया गया है। जिस हेतु पशुधन विकास विभाग कोरबा द्वारा रुचि की अभिव्यक्ति का प्रकाशन कर स्थानीय स्वयं सेवी संगठनों से आवेदन प्राप्त किये गये। आवेदन उपरांत संगठनों को जिला प्रशासन लीज पर भूमि उपलब्ध करायेगी एवं पशुओं के रखरखाव व आहार की व्यवस्था हेतु छ०ग० राज्य गौ सेवा आयोग के नियमानुसार राशि का भुगतान डीएमएफ के माध्यम से किया जायेगा। इस दिशा में डीएमएफ से प्रस्ताव स्वीकृत कर राशि स्वीकृति की जा चुकी है एवं स्वयं सेवी संगठनों से आवेदन प्राप्त कर चयनित किया जा चुका है।
उपरोक्त हेतु संस्था रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज से पंजीकृत हो एवं न्यूनतम 5 वर्ष से गौसेवा से जुड़े हों। प्रथम चरण में पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा में 1-1 चिन्हांकित भूमि पर गौशाला / गौआश्रय स्थापना की जायेगी। जिस हेतु स्वंयसेवी संस्था को जिला प्रशासन द्वारा लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जायेगी । पशुओं हेतु शेड निर्माण, चारा पानी आदि व्यवस्था स्वयंसेवी संस्था द्वारा की जायेगी। जिस हेतु छ०ग० राज्य गौसेवा आयोग के प्रावधानानुसार राशि जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा द्वारा देय होगा । गौशाला/गौआश्रय में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार न्यूनतम 200 पशु जो कि सड़कों से विस्थापित किये जायेंगे, रखा जाना होगा साथ ही संस्था को अपने व्यय पर इतने ही पशु रखना होगा। गौशाला/गौआश्रय में पशुओं की संपूर्ण देखभाल एवं व्यवस्था संबंधित संस्था की होगी। जो कि पशु उपचार, टीकाकरण एवं संवर्धन हेतु विभाग से सतत संपर्क में रहकर कार्य करेगी। समीक्षा में कार्य संपादन में लापरवाही एवं पशुओं के नुकसान की स्थिति में यथोचित कार्यवाही एवं पंजीयन रद्द किया जायेगा।