Advertisement

आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सको को अपना पंजीयन शीघ्र नवीनीकरण कराने हेतु किया गया निर्देशित

आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सको को अपना पंजीयन शीघ्र नवीनीकरण कराने हेतु किया गया निर्देशित

कोरबा /छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सक जिनका पंजीयन स्थानीय परिषद में 24 जुलाई 2002 से 31 दिसंबर 2019 के मध्य हुआ है। शासन के निर्देशानुसार उन्हें छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक व्यवसायी अधिनियम 1970 की धारा 21, परिषद की संपन्न 17 वीं एवं 20 वीं बैठक में लिए गए निर्णयों तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग विनियम 2023 (आचार एवं पंजीयन) की धारा 7 के परिपालन में अपने पंजीयन का नवीनीकरण कराया जाना आवश्यक है। पंजीयन नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथी 31 जनवरी 2025 तक निर्धारित थी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आरबीएसके (चिरायु) तथा आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सकों के द्वारा उक्त अवधि में अपने पंजीयन का नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है जो कि उपरोक्त वर्णित अधिनियम एवं विनियम का उल्लंघन है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)

सीएमएचओ ने बताया कि रजिस्ट्रार, छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा परिषद रायपुर ने ऐसे आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सक जिन्होंने अंतिम तिथी 31 जनवरी 2025 तक नवीनीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है उनका पंजीयन छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1970 की धारा 21 (1) के तहत निरस्त करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आर.बी.एस.के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम में पदस्थ आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सकों तथा जिले में प्रैक्टिस कर रहे आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सक को अपने पंजीयन के नवीनीकरण शीघ्र कराने हेतु निर्देशित किया है। अन्यथा वे किसी भी प्रकार के शासकीय संविदा एवं निजी चिकित्सा व्यवसाय के लिए विधिक मान्यता नहीं रखेंगे।

Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57