महिला और समाज कल्याण को मिली बड़ी आर्थिक मजबूती: 9820 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

महिला और समाज कल्याण को मिली बड़ी आर्थिक मजबूती: 9820 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

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रायपुर, 12 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभागों के लिए कुल 9820 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रुपये और समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का यह बजट महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।

महतारी वंदन योजना को मिला बड़ा प्रावधान

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत इस वर्ष 5500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि पिछले वर्ष के 3000 करोड़ रुपये से अधिक है, जिससे योजना को और अधिक प्रभावी और हितग्राही मूलक बनाया जा सके। इस योजना में पारदर्शिता और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी के लिए 4.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के विकास पर विशेष ध्यान

आंगनबाड़ी केन्द्रों की सुविधाओं के विस्तार और संचालन के लिए 700 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इन केन्द्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाले मानदेय और अन्य लाभों के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए ‘सम्मान सुविधा प्रणाली’ का शुभारंभ किया है, जिससे डिजिटल माध्यम से मानदेय और अन्य भुगतानों की प्रक्रिया सुगम होगी।

इसके अलावा, आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत और विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 50 करोड़ रुपये और विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2000 भवनों के निर्माण हेतु 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पालना केन्द्रों और महिला सुरक्षा पर बजट

कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण और बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन हेतु 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। महिला सुरक्षा और संरक्षण से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रमों के लिए 1.50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

पोषण अभियान और किशोरी बालिकाओं के लिए योजनाएं

पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन और भस्मक मशीन लगाने हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण योजनाएं

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के संचालन के लिए 5.03 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। राज्य में 6 नए जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर खोलने के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, मिशन शक्ति योजना के तहत महिला सशक्तिकरण केंद्र स्थापित करने के लिए 11.58 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। शक्ति सदन योजना के लिए 3.39 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जिससे 8000 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जाएंगे।

समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रुपये का प्रावधान

विधानसभा में समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें भी पारित की गईं। माना कैंप में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन कर इसे उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जाएगा, जिसके लिए 2.50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष योजनाएं

दिव्यांगजनों के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए 38.89 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। कृत्रिम अंग निर्माण केंद्र माना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का नवीन प्रावधान किया गया है। जिला स्तर पर दिव्यांगजनों के लिए मार्गदर्शन, संसाधन और सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु 4.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, 12 ‘घरौंदा’ आश्रय गृहों के लिए 3.50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। दिव्यांगजनों के पुनर्वास और क्षमता निर्माण के लिए राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केंद्र हेतु 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

पेंशन योजनाएं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रावधान

समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए 1395.53 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना में अब विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिसके लिए 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना के तहत 4 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।

नशा मुक्ति और महिला कोष योजनाएं

राज्य सरकार ने नशा मुक्ति अभियान को गति देने के लिए भारत माता वाहिनी का गठन किया है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का विस्तार करने के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण की दिशा में बड़ी पहल

इस बजट में महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का यह प्रयास राज्य में महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, पोषण और दिव्यांगजनों के समावेशी विकास को नई दिशा देगा। इस बजट की थीम ‘गति’ को केंद्र में रखते हुए अधोसंरचना विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार के इस कदम से महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिलेगी।