आरंग के भागवत सोनवानी को मिली त्वरित राहत – कॉल सेंटर की तत्परता से चंद दिनों में समाधान

आरंग के भागवत सोनवानी को मिली त्वरित राहत – कॉल सेंटर की तत्परता से चंद दिनों में समाधान

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रायपुर, 18 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। हाल ही में रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम भटिया निवासी भागवत सोनवानी को जन्म प्रमाण पत्र और निवासी प्रमाण पत्र की प्राप्ति में आ रही समस्याओं का समाधान महज कुछ दिनों में कॉल सेंटर की मदद से किया गया।

राज्य सरकार द्वारा संचालित जनसमस्या निवारण हेल्पलाइन का उद्देश्य आम जनता की शिकायतों को शीघ्रता से दूर करना है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग अपने प्रशासनिक, सामाजिक और कानूनी मुद्दों का समाधान पा सकते हैं। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

भागवत सोनवानी ने जन्म प्रमाण पत्र और निवासी प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। हालांकि, समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। बैंक कार्यों से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, कई प्रक्रियाएँ बिना इन प्रमाण पत्रों के अधूरी थीं।

अपने समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित विभागों के कई चक्कर लगाए, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इस बीच, उन्हें रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर की जानकारी मिली, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं और शीघ्र समाधान पा सकते हैं।

भागवत सोनवानी ने हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज करवाई। उनकी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर कॉल सेंटर की टीम ने संबंधित विभाग तक पहुँचाया और अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुछ ही दिनों में संबंधित विभाग ने प्रमाण पत्र जारी कर दिए और इसकी सूचना भागवत सोनवानी को दी गई।

इस त्वरित समाधान से न केवल भागवत सोनवानी को राहत मिली बल्कि यह अन्य नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई कि वे अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी तंत्र पर भरोसा बनाए रखें।

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जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर की सफलता का यह मामला केवल एक उदाहरण है। राज्य में कई अन्य नागरिक भी इस पहल का लाभ उठा रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नागरिकों की शिकायतों का निराकरण समय सीमा के भीतर किया जाए।

रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह ने भी इस मामले पर कहा, “हमारी कोशिश है कि कोई भी नागरिक अनावश्यक परेशानी का सामना न करे। कॉल सेंटर को और अधिक प्रभावी बनाया गया है ताकि नागरिकों की समस्याओं का जल्द समाधान हो।”

अपने प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद भागवत सोनवानी ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और कॉल सेंटर की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे इतनी जल्दी समाधान मिलेगा, यह उम्मीद नहीं थी। जब मैंने शिकायत दर्ज कराई थी, तब लगा था कि शायद इसमें काफी समय लगेगा, लेकिन मुझे चंद दिनों में ही प्रमाण पत्र मिल गए। मैं सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ।”

जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर की मदद से अब तक कई नागरिकों को लाभ मिला है। कुछ अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं:

महासमुंद जिले के रामस्वरूप वर्मा – जिन्होंने राशन कार्ड में त्रुटि सुधार के लिए शिकायत दर्ज कराई और तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान हुआ।

धमतरी की सुनीता यादव – जिन्होंने अपनी वृद्धा पेंशन में देरी की शिकायत दर्ज कराई और पांच दिनों के भीतर उनकी पेंशन स्वीकृत हो गई।

बिलासपुर के अनिल गुप्ता – जिन्होंने संपत्ति के दस्तावेज़ प्राप्त करने में हो रही देरी को लेकर शिकायत की और एक सप्ताह के भीतर उनके कागजात उपलब्ध कराए गए।

छत्तीसगढ़ में जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर एक प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहा है। यह न केवल नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करता है, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाता है।

इस पहल ने सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी को कम कर दिया है। अब लोग अपनी शिकायतों को आसानी से दर्ज कर सकते हैं और त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह सरकार की नागरिक केंद्रित नीतियों का प्रमाण है और आने वाले समय में इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

भागवत सोनवानी जैसे नागरिकों के लिए जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर एक वरदान साबित हो रहा है। सरकारी प्रशासन की तत्परता और पारदर्शी कार्यशैली से आम लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।