हत्या के प्रयास का मामला: सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी पति गिरफ्तार

हत्या के प्रयास का मामला: सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी पति गिरफ्तार

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सरगुजा, 19 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सख्त वैधानिक कदमों से इस अपराध में शामिल आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है और घरेलू हिंसा के मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

यह घटना सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के करम्हा गांव में 13 मार्च 2025 को शाम लगभग 4 बजे हुई। पीड़िता पवन कुमारी के पति रामलाल ने घरेलू विवाद के चलते उसकी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने पहले अपनी पत्नी के दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए और फिर बसूला से सिर और पैर पर हमला किया। इस हमले में पीड़िता को गर्दन, हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं।

पीड़िता की सास सावन मोहनी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि घटना के समय उनका भतीजा भी मौजूद था, जिसने बीच-बचाव करने की कोशिश की। झगड़े की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के मायके वालों को फोन कर बुलाया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर डायल 112 को सूचना दी। इसके बाद घायल पवन कुमारी को जिला अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही दरिमा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 40/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) बी.एन.एस. में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता व गवाहों से पूछताछ की।

मुख्य आरोपी रामलाल मोहनी, उम्र 40 वर्ष, को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का बसूला, जिसमें लकड़ी का बेट लगा हुआ था, बरामद किया।

पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी अपनी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करता था और घरेलू हिंसा के कई मामले सामने आए थे, लेकिन पारिवारिक दबाव और सामाजिक बदनामी के डर से पीड़िता ने कभी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

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आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और कई बार पीड़ित परिवार सामाजिक भय और लोकलाज के चलते शिकायत दर्ज कराने से कतराते हैं।

घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस की तत्परता और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पीड़ित समय पर शिकायत करें और पुलिस एवं न्यायिक तंत्र कड़ाई से कार्रवाई करें, तो इस तरह की घटनाओं में कमी आ सकती है।

सरगुजा पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में कहा कि पुलिस घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से ले रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार होती हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में अभी भी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। जागरूकता अभियान और कानूनी सख्ती से ही इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

इस पूरे मामले में दरिमा थाना पुलिस की टीम की सराहनीय भूमिका रही। टीम में निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक बैजनाथ लकड़ा, आरक्षक जगेश्वर बघेल, जितेंद्र लकड़ा और राज जायसवाल शामिल थे।

सरगुजा जिले में हुई इस घटना ने घरेलू हिंसा की भयावहता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। हालांकि, पुलिस की तत्परता और कड़ी कार्रवाई से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जिससे यह संदेश जाता है कि कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

समाज को भी इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूक होकर महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। जब तक समाज और कानून मिलकर घरेलू हिंसा के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाएंगे, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।