बिहार दिवस पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का संदेश: कृषि विकास से समृद्ध बिहार की ओर बढ़ते कदम

विजय कुमार सिन्हा ने बिहार दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ, कृषि विकास को बताया प्राथमिकता

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार दिवस 2025 के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर बिहार की गौरवशाली विरासत, संस्कृति और सतत विकास यात्रा को नमन करते हुए प्रदेश के किसानों और नागरिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है, और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने तथा कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बिहार दिवस का ऐतिहासिक महत्व

बिहार दिवस हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। 1912 में इसी दिन बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर एक स्वतंत्र प्रांत के रूप में स्थापित किया गया था। तब से लेकर आज तक, बिहार ने शिक्षा, कृषि, उद्योग, राजनीति, कला और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बिहार दिवस केवल एक जश्न नहीं, बल्कि अपने अतीत को याद कर भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है।

इस वर्ष बिहार दिवस की थीम “समृद्ध बिहार” रखी गई है, जो राज्य की विकास यात्रा को गति देने का संकल्प व्यक्त करती है। इस अवसर पर राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही।

कृषि विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की स्थिति सुधारने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई योजनाएँ चला रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य बिहार को ‘एग्रीकल्चर हब’ बनाना है, ताकि यहाँ की उपज न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़े, बल्कि बिहार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बनाए।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में यांत्रिकरण, जैविक खेती, सिंचाई सुविधा, बीज सुधार कार्यक्रम और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। बिहार सरकार ने हाल ही में “कृषि रोडमैप” का नया चरण शुरू किया है, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और नई तकनीकों से जोड़ना है।

कृषि योजनाएँ और विकास कार्यक्रम

बिहार सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना – इस योजना के तहत किसानों को वार्षिक आर्थिक सहायता दी जा रही है।

2. मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना – किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

3. जैविक खेती को बढ़ावा – बिहार सरकार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम कर जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है।

4. कृषि यांत्रिकरण योजना – ट्रैक्टर, थ्रेसर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही है।

5. सिंचाई सुविधा का विस्तार – नए जलाशय, नहरों की मरम्मत और टपक सिंचाई योजना के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

कृषि में नई तकनीकों को अपनाने पर जोर

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिंचाई सिस्टम और मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं के जरिए किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई फसल विविधता और बेहतर खेती तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि सरकार “कृषि स्टार्टअप” को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे युवा कृषि क्षेत्र में उद्यमिता की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार की आर्थिक उन्नति और कृषि का योगदान

बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा योगदान है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार में करीब 77% लोग कृषि और इससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर हैं। चावल, गेहूँ, मक्का, दालें, आलू, गन्ना और फल-सब्जियों का उत्पादन बिहार में बड़े पैमाने पर होता है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “एक जिला, एक उत्पाद” योजना के तहत प्रत्येक जिले की विशिष्ट कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने की रणनीति बना रही है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

युवाओं को कृषि में जोड़ने की अपील

विजय कुमार सिन्हा ने अपने संदेश में युवाओं से आह्वान किया कि वे कृषि को केवल पारंपरिक व्यवसाय के रूप में न देखें, बल्कि इसे एक नवाचार और रोजगार के साधन के रूप में अपनाएँ। उन्होंने कहा कि बिहार में “कृषि-उद्यमिता” को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवा किसान वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर लाभ कमा सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि युवाओं को कृषि के आधुनिक पहलुओं की जानकारी मिल सके।

बिहार दिवस पर विशेष कार्यक्रम

बिहार दिवस के अवसर पर पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा सहित कई जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न स्कूलों और सरकारी संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिता, प्रदर्शनी और कृषि मेला का आयोजन किया गया।

इस मौके पर कृषि विभाग की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें जैविक खेती, ड्रिप इरिगेशन, हाइड्रोपोनिक और आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार अगले पाँच वर्षों में कृषि क्षेत्र में 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘स्मार्ट विलेज मिशन’ के तहत गाँवों को डिजिटल कृषि से जोड़ने की योजना बना रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार दिवस केवल अतीत के गौरव को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को साकार करने का संकल्प है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बिहार को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में योगदान दें।

बिहार दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का संदेश राज्य के विकास, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। बिहार की कृषि नीति, आधुनिक तकनीकों का समावेश और किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाएँ राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में अग्रसर हैं।

इस बिहार दिवस पर हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने प्रदेश की उन्नति में योगदान देंगे और “समृद्ध बिहार” के सपने को साकार करेंगे।