स्वास्थ्य घोटाले पर सियासत तेज: भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कांग्रेस की इस्तीफे की मांग को बताया हास्यास्पद

स्वास्थ्य घोटाले पर सियासत तेज: भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कांग्रेस की इस्तीफे की मांग को बताया हास्यास्पद

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को लेकर घमासान मचा हुआ है। भाजपा सरकार द्वारा की जा रही जाँच के बीच कांग्रेस ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से इस्तीफे की मांग की है, जिसे रायपुर दक्षिण से भाजपा विधायक सुनील सोनी ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस की मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि यह जाँच से घबराई कांग्रेस की हताशा को दिखाता है।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं, जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि निष्पक्ष जाँच के लिए मंत्री का पद पर बने रहना उचित नहीं है।

हालांकि, भाजपा इस मांग को कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा बता रही है। रायपुर दक्षिण से विधायक सुनील सोनी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी भ्रष्टाचार होता रहा, लेकिन तब किसी ने इसकी जाँच नहीं करवाई। उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा सरकार पूरी निष्पक्षता से जाँच करवा रही है, तो कांग्रेस नेता घबराए हुए हैं और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

विधायक सुनील सोनी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, वे अब ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा,
“स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग करने वाले लोग अपने शासनकाल में खुली आँखों से इस भ्रष्टाचार को देखते रहे। इससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं वे भी इस घोटाले में शामिल तो नहीं थे?”

उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित कर चुके थे, वे अब उसी से जाँच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता जाँच को रोकने और अपने लोगों को बचाने के लिए समय काटने का प्रयास कर रहे हैं।

विधायक सुनील सोनी ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से इस मामले में गंभीरता से जाँच कराई जा रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जाँच एजेंसियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि
“प्रदेश सरकार ने जिस तत्परता से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जाँच करवाई और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा, वह काबिले-तारीफ है। हम चाहते हैं कि बड़े से बड़े अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं की भूमिका की भी जाँच हो और दोषियों को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी छत्तीसगढ़ को लूटने का दुस्साहस न कर सके।”

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सुनील सोनी ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं और जाँच को प्रभावित करने के लिए लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में लिप्त सभी लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे किसी भी पद पर हों।

उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा,
“भ्रष्टाचार का असली चेहरा कांग्रेस ही है। आज जब उनकी पोल खुल रही है और भ्रष्टाचार की परतें हट रही हैं, तो वे झूठी बयानबाजी कर जनता को भ्रमित करने में लगे हैं। लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है और सच्चाई को देख रही है।”

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित घोटाले की बात पिछले कुछ महीनों से चर्चा में है। आरोप है कि कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग में ठेके देने और उपकरणों की खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। जाँच एजेंसियों को इसमें सैकड़ों करोड़ रुपये की अनियमितताओं के सबूत मिले हैं।

राज्य सरकार की ओर से इस मामले में जाँच जारी है और अब तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। भाजपा सरकार का दावा है कि यह घोटाला कांग्रेस सरकार के समय हुआ था, जबकि कांग्रेस इसे भाजपा की वर्तमान सरकार से जोड़ रही है और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रही है।

इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए जाँच का इस्तेमाल कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के भ्रष्टाचार को उजागर किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की जनता इस पूरे मामले पर पैनी नजर रख रही है। लोग यह देखना चाहते हैं कि क्या सरकार वाकई दोषियों को सजा दिलाने में सफल होती है या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।

भले ही इस मामले में राजनीति अपने चरम पर हो, लेकिन सबसे अहम सवाल यही है कि क्या भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा मिलेगी या नहीं। भाजपा सरकार ने यह वादा किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ा जाएगा, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में जाँच किस दिशा में आगे बढ़ती है।