
भारत-चीन सीमा विवाद पर गरमाई सियासत, TS सिंहदेव ने मोदी सरकार को घेरा
नई दिल्ली | भारत-चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 2,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक भारतीय भूमि चीन को सौंप दी है और इसे छुपाने के लिए “डिसएंगेजमेंट” के नाम पर सेना को पीछे हटने पर मजबूर किया जा रहा है।
टीएस सिंहदेव ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल (@टीएस_सिंहदेव) पर लिखा:
“भारत की संप्रभुता और अखंडता पर बड़ा हमला हुआ, लेकिन मोदी सरकार cake काटकर जश्न मना रही है! 75 साल के भारत-चीन संबंधों का ‘उत्सव’ मनाने के नाम पर 2000 वर्ग किलोमीटर से अधिक भारतीय भूमि चीन को सौंप दी गई। क्या यह राष्ट्रीय स्वाभिमान है?”
उन्होंने गलवान संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में जब 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए, तब प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को यह कहकर क्लीन चिट दे दी थी—
“ना कोई हमारी सीमा में घुसा है, ना कोई हमारी जमीन पर कब्जा हुआ है।”
अब चार साल बाद, वही सरकार भारतीय सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर रही है।
TS सिंहदेव का बड़ा दावा: भारतीय सैनिक पीछे हटने को मजबूर!
टीएस सिंहदेव ने सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा:
✅ गलवान, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग में भारतीय सैनिक पीछे हट चुके हैं।
✅ रणनीतिक रूप से अहम देपसांग में भारतीय गश्त अब चीनी अनुमति से हो रही है।
✅ सीमा सुरक्षा खतरे में है, लेकिन मोदी सरकार और ‘मित्र’ चीन के साथ व्यापार बढ़ाने में लगी है।
सरकार चुप, विपक्ष हमलावर
भारत-चीन व्यापार लगातार बढ़ रहा है और 2023 में यह 135 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। ऐसे में कांग्रेस सवाल उठा रही है कि “जब चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रहा है, तब सरकार उसे कड़ा संदेश देने की बजाय व्यापार क्यों बढ़ा रही है?”
क्या मोदी सरकार जवाब देगी?
अब सवाल उठता है कि—
- क्या सच में भारत की जमीन चीन को सौंप दी गई?
- जब सीमा विवाद जारी है, तो भारत-चीन व्यापार लगातार क्यों बढ़ रहा है?
- क्या सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा कूटनीतिक रिश्तों की चिंता है?
देश की जनता को जवाब चाहिए! क्या सरकार स्थिति स्पष्ट करेगी?










