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दुर्ग रेप-हत्याकांड पर बालोद विधायक संगीता सिन्हा का बयान: “घटना बेहद दर्दनाक, निष्पक्ष जांच हो”

दुर्ग रेप-हत्याकांड: बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग को बताया जायज़

दुर्ग/बालोद। छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में हाल ही में हुए दर्दनाक रेप और हत्या के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस बीच बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को पूरी तरह जायज़ ठहराया।

“घटना बहुत ही दर्दनाक और संवेदनशील है”: संगीता सिन्हा

दुर्ग जिले में किशोरी के साथ गैंगरेप और हत्या के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। इस घटना की खबर मिलते ही कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कहा कि यह एक “बहुत ही दर्दनाक और संवेदनशील घटना” है। उन्होंने कहा कि “परिवार केवल न्याय चाहता है, और उनकी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष और निष्पक्षता के साथ जांच हो। यह बिल्कुल सही और जायज़ मांग है।”

संगीता सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़ित परिवार मानसिक और भावनात्मक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। “हम सभी उनके साथ हैं। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे त्वरित कार्रवाई करें और पीड़िता को न्याय दिलाएं।”

घटना ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

इस जघन्य अपराध ने दुर्ग की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस की गश्त और निगरानी पहले से ही कमजोर रही है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने प्रशासन की सुस्ती को लेकर नाराज़गी जाहिर की है। वहीं विधायक संगीता सिन्हा ने इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि “यदि इस प्रकार की घटनाओं में प्रशासन सक्रिय नहीं रहेगा, तो समाज का भरोसा टूट जाएगा। हमें ऐसी स्थितियों में संवेदनशीलता और तत्परता दोनों ही दिखानी होगी।”

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परिवार की मांग: दोषियों को मिले कड़ी सजा

पीड़िता के परिवार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्हें किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं चाहिए, बल्कि दोषियों को सख्त से सख्त सज़ा चाहिए। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी को न्याय तभी मिलेगा जब अपराधियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर जल्दी से जल्दी सज़ा दी जाएगी।

इस मांग का समर्थन करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि “राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस केस को गंभीर अपराधों की श्रेणी में ले और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामले का निपटारा करे।”

सरकार की ओर से मिले आश्वासन, लेकिन ज़मीन पर दिखे कार्रवाई के संकेत

विधायक ने बताया कि सरकार और प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपी किसी भी कीमत पर बचने न पाए।

हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “केवल बयानबाज़ी से कुछ नहीं होगा, जब तक कि पीड़िता के परिवार को न्याय न मिले।” लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संदिग्धों को तत्काल गिरफ़्तार कर चार्जशीट दाखिल की जाए।

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर खड़ा हुआ सवाल

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। क्या छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहाँ महिला नेतृत्व और भागीदारी को बढ़ावा दिया जाता है, वहां महिलाएं सुरक्षित हैं?

इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीता सिन्हा ने कहा, “हम सभी को इस मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखना होगा। महिलाओं की सुरक्षा हर सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि एक भी बेटी असुरक्षित महसूस करती है, तो हमें आत्ममंथन करने की ज़रूरत है।”

विधायक की मांग: स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा सेल हो सक्रिय

संगीता सिन्हा ने सुझाव दिया कि सभी स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ को सक्रिय किया जाए। साथ ही, छात्राओं और युवतियों के बीच सेल्फ डिफेंस और कानूनी जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए ताकि वे मुश्किल वक्त में खुद की रक्षा कर सकें।

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