शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र: मुख्यमंत्री साय ने कहा, समय पर किताबें बच्चों को मिलना अनिवार्य

शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 12 अप्रैल 2025 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है और एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अशिक्षित व्यक्ति के बीच जमीन-आसमान का अंतर होता है।”
वे आज छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष  राजा पांडेय के पदभार ग्रहण समारोह में राजधानी रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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शिक्षा का महत्व और सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम की जिम्मेदारी है कि स्कूली बच्चों को समय पर पुस्तकें मिलें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि  राजा पांडेय ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में 18 स्थानीय बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं, जिससे बच्चों को मातृभाषा में पढ़ाई का लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा में IIT, IIM, NLU, IIIT और AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए गए हैं। आज राज्य में 14 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

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औद्योगिक विकास की दिशा में छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के पहले और देश के दूसरे सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमि पूजन हुआ। यह संयंत्र 1143 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित हो रहा है और कंपनी ने 10,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया है।
इसके साथ ही बिहान की बहनों को 40 ई-रिक्शा, आईटी हब के लिए स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस, और एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया गया।


अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन की धुरी है और आर्थिक समृद्धि का आधार है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है और निगम-मंडलों की भूमिका इस लक्ष्य में महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर विधायकगण, पूर्व मंत्रीगण, निगम-मंडल अध्यक्षगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।