छत्तीसगढ़ के दुर्ग में राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल 7 मई को, मुख्यमंत्री साय ने दिए दिशा-निर्देश

देशभर में 7 मई को होगा नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल, छत्तीसगढ़ के दुर्ग को मिला प्रमुख अभ्यास स्थल का दर्जा

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📍 रायपुर, 6 मई 2025/देश में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 7 मई 2025 को राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। यह मॉकड्रिल देश के 244 नागरिक सुरक्षा जिलों में एकसाथ की जाएगी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले को इस अभ्यास के लिए प्रमुख स्थल के रूप में चयनित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मॉकड्रिल की तैयारी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास न केवल नागरिक सुरक्षा तैयारियों की वास्तविक परख का अवसर है, बल्कि जनजागरूकता का भी एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का राज्य में पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस अभ्यास के अंतर्गत नागरिकों, छात्रों, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस के स्वयंसेवकों सहित आम जनता को आपातकालीन सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें अग्निशमन, बचाव कार्य, वार्डन डिपो की कार्यशीलता, दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षित निकासी और सेना व नागरिक सुरक्षा तंत्र के समन्वय का भी आकलन किया जाएगा।

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वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह मॉकड्रिल और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और सीमा पर पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं को देखते हुए पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

इसी के तहत छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक विशेष ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में नागरिकों को अंधेरे में सतर्कता, सुरक्षित व्यवहार और त्वरित प्रतिक्रिया संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा विभाग, होम गार्ड, स्वयंसेवी संगठन, स्कूली एवं महाविद्यालयीन छात्र और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि आपदा के समय राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत हो सके।