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छत्तीसगढ़ में आश्रम-छात्रावासों की होगी सफाई, रंग-रोगन और भवन निर्माण : मंत्री रामविचार नेताम

शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं सफाई और रंग-रोगन : मंत्री रामविचार नेताम

नवा रायपुर में आदिम जाति विकास मंत्री ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, पीएम जनमन योजना और प्रयास विद्यालयों पर भी दिया फोकस

रायपुर, 11 जून 2025। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी आश्रम और छात्रावासों की मरम्मत, साफ-सफाई, रंग-रोगन, पेयजल व्यवस्था आदि का कार्य नया शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से पहले पूर्ण कर लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। नवा रायपुर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आश्रम-छात्रावासों का नियमित निरीक्षण किया जाए और अधीक्षकों की पदस्थापना पारदर्शी काउंसिलिंग प्रक्रिया से की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी कम-से-कम एक दिन किसी आश्रम में रुकें और बच्चों के साथ भोजन कर उनकी समस्याएं समझें। भवनविहीन आश्रमों की पहचान कर दो वर्षों के भीतर सभी के लिए भवन निर्माण सुनिश्चित करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आश्रमों में सीटें बढ़ाई गई हैं, वहां अतिरिक्त भवनों की भी व्यवस्था की जाए।


प्रयास विद्यालयों और पीएम जनमन योजना पर विशेष जोर

मंत्री नेताम ने प्रयास विद्यालयों की व्यवस्था और उनके रख-रखाव को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए कोचिंग संस्थानों के चयन हेतु टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा।

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बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 15 जून से राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ होगा। छत्तीसगढ़ में यह अभियान 16-30 जून तक चरणबद्ध रूप से राज्य, जिला और विकासखंड स्तर पर चलेगा। इसमें जनजातीय परिवारों के लिए दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र आदि बनाए जाएंगे।


सिकलसेल और टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए जागरूकता

मंत्री नेताम ने अधिकारियों से कहा कि वे बच्चों को सिकलसेल और टीबी जैसी बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक करें। उन्होंने आश्रमों में निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन देने, दीवारों पर महापुरुषों के प्रेरणादायक संदेश लिखवाने, और भाषण-विवाद प्रतियोगिताओं के आयोजन से शैक्षणिक वातावरण को सशक्त करने पर बल दिया।


विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 75 बहुउद्देशीय भवन निर्माण

बैठक में यह भी बताया गया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए राज्य में 75 बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 31 लगभग पूर्ण हो चुके हैं। इन भवनों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जा सकेंगी।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, उप सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित सभी जिलों के परियोजना प्रशासक और सहायक आयुक्त उपस्थित रहे।


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