छत्तीसगढ़ में शिक्षा संकट: किताबें-गणवेश नहीं, शिक्षकों की भारी कमी पर कांग्रेस का हमला

शिक्षा व्यवस्था चौपट करने आमादा है सरकार: कांग्रेस | न किताबें, न यूनिफॉर्म, शिक्षकों की भारी कमी

रायपुर | 03 जुलाई 2025|प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों में कटौती, अव्यवहारिक युक्तिकरण और किताबों-गणवेश की अनुपलब्धता यह दर्शाती है कि भाजपा सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बेहतरी नहीं चाहती।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

श्री शुक्ला ने कहा कि स्कूल खुले हुए 15 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक छात्र-छात्राओं को किताबें तक नहीं मिल सकी हैं। शिक्षकों को पढ़ाई छोड़ स्कैनिंग के कार्य में लगाया गया है और वे पोर्टल की तकनीकी खामियों से जूझ रहे हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर माह सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन बीते डेढ़ वर्षों में एक भी नियमित नियुक्ति नहीं की गई। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के अलावा रायपुर, बिलासपुर, बेमेतरा, तिल्दा, धरसीवां, साजा सहित पूरे प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है।

सुशील शुक्ला ने यह भी कहा कि सरकार ‘नए सेटअप’ और ‘युक्तिकरण’ के नाम पर शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न कर रही है। जहां पहले से ही शिक्षक कम हैं, वहां से भी जबरिया स्थानांतरण किया जा रहा है। पारदर्शिता और नैसर्गिक न्याय का पूरी तरह अभाव है। प्रभावित शिक्षकों से कोरे कागज़ पर हस्ताक्षर करवाकर मनमानी लागू की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि शिक्षा विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में एक ‘तबादला उद्योग’ सक्रिय है। जबकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद छात्र बिना किताब और गणवेश के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकार का ध्यान शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बजाय उसके ढांचे को ध्वस्त करने पर है।