प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को जोरदार झटका लगा है ,बिजली नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी है. इसके बाद अब घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को बिजली भरने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. बिजली दरों में 1.8% का इजाफा हुआ है, इसके बाद प्रति यूनिट 10-15 पैसे अतिरिक्त देने होंगे.

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छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद पहली बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले कांग्रेस सरकार में दो बार बिजली के दामों में बढ़ोतरी की गई थी. कांग्रेस सरकार के दौरान 22-23 में 2.50 प्रतिशत और 24-25 में 4.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. इस तरह से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 7.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी.

घरेलू उपभोक्ता को कितना लगा झटका?

घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स में प्रयुक्त होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी (LV-1) में सम्मिलित किया गया है.

घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.

गैर घरेलू उपभोक्ताओं को कितना झटका?

गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

ऑफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को LV-2 से हटाकर LV-5 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है.

गैर घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.

राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है.

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कृषि एवं कृषि संबंधी उपभोक्ता

कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

गैर सब्सिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है.

किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है.

किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वॉट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है.

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत दरों में बढ़ोतरी करने के साथ बताया कि राज्य की विद्युत कंपनियों के विगत वर्षों के राजस्व घाटा तथा राजस्व आधिक्य पर विचारोपरान्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मांग की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता 28397.64 करोड़ रुपए के स्थान पर .25636.38 करोड़ रुपए मान्य किया है.

वितरण कंपनी द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित विद्युत विक्रय 35727 मिलियन यूनिट के स्थान पर 36540 मिलियन यूनिट मान्य किया गया है. इसी तरह वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत की अनुमानित बिक्री पर प्रचलित टैरिफ से अनुमानित .4947.41 करोड़ रुपए राजस्व घाटे के स्थान पर .523.43 करोड़ रुपए मान्य किया है.

जून 2025 से शुरू हुई थी प्रक्रिया

बिजली यूनिट बढ़ाने की कवायद 20 जून से शुरू हुई थी। आयोग के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं को जनसुनवाई के लिए आमंत्रित किया था। जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर आयोग दफ्तर पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया था। आयोग के पदाधिकारियों घरेलू उपभोक्ता, कॉमर्शियल उपभोक्ता, किसान और बिजली कंपनी के अधिकारियों से पक्ष जानने के बाद बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।

कंपनी ने भेजा 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव

राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग को 4550 करोड़ रुपए का घाटा बताते हुए 20 पैसे बिजली दर वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। तर्क दिया गया है कि, लाइन लॉस, बिजली चोरी की वजह से कंपनी को राजस्व में नुकसान हो रहा है।