
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का आरोप: किताबों के अभाव में ठप स्कूलों की पढ़ाई, तिमाही परीक्षा संकट में
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार छात्रों को किताबें वितरित नहीं कर पाई। तिमाही परीक्षा नज़दीक है, लेकिन स्कूलों में पढ़ाई ठप पड़ी है।
पुस्तकों के अभाव में स्कूलों में ठप पढ़ाई – कांग्रेस का आरोप
सुशील आनंद शुक्ला बोले – तिमाही परीक्षा नज़दीक, लेकिन अब तक किताबें नहीं मिलीं छात्रों को
रायपुर, 23 अगस्त 2025।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के स्कूलों में अब तक बच्चों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिली हैं, जिसके कारण पढ़ाई ठप पड़ी है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुले ढाई महीने हो चुके हैं, तिमाही परीक्षाएं शुरू होने का समय आ गया है, लेकिन बच्चों तक किताबें नहीं पहुंच पाई हैं।
शुक्ला ने कहा – “25 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब स्कूल खुलने के ढाई महीने बाद भी बच्चों तक किताबें नहीं पहुंची हैं। यह विभाग कुछ दिन पहले तक स्वयं मुख्यमंत्री के पास था, बावजूद इसके शिक्षा व्यवस्था की यह दुर्दशा है।”
उन्होंने आगे कहा कि किताबें गोदामों में पड़ी खराब हो रही हैं और बच्चों के बैग खाली हैं। स्कूलों में पीडीएफ भेजा गया है, लेकिन उससे बच्चों को पढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बिल्कुल नहीं है, यही वजह है कि अब तक न किताबें मिली हैं, न गणवेश और न ही साइकिल वितरण योजना लागू हो पा रही है।
शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार नए-नए “तुगलकी प्रयोग” कर रही है। क्यूआर कोड स्कैन करने का बहाना बनाकर किताब वितरण रोका गया है। पिछले सत्र में भी किताबें कबाड़ की दुकानों और कागज गलाने वाले कारखानों तक पहुंच गई थीं। उन्होंने कहा कि इस बार भी किताबें छात्रों तक पहुंचने की बजाय कबाड़खानों में जाने लगी हैं, क्योंकि सत्ता में बैठे लोग कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में डूबे हैं।












