छत्तीसगढ़ में खाद संकट पर कांग्रेस का हमला: ‘डबल इंजन सरकार की दुर्भावना से पैदा हुई स्थिति’

छत्तीसगढ़ में खाद संकट पर कांग्रेस का हमला: ‘डबल इंजन सरकार की दुर्भावना से पैदा हुई स्थिति’

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छत्तीसगढ़ में अभूतपूर्व खाद संकट को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। डीएपी-यूरिया की कालाबाजारी और किसानों की परेशानी को सरकार की नीतियों का नतीजा बताया।

रायपुर, 30 अगस्त 2025।छत्तीसगढ़ में डीएपी और यूरिया की भारी कमी और कालाबाजारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि यह संकट भाजपा की “दुर्भावनापूर्ण नीतियों” और किसानों के प्रति उदासीन रवैये का परिणाम है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण ही उर्वरक सब्सिडी में कटौती, निगमीकरण और निजीकरण जैसी प्रक्रियाएं लागू हुईं, जिससे खाद की उपलब्धता प्रभावित हुई। फरवरी में ही सहकारी सोसाइटियों के माध्यम से डिमांड भेजने के बावजूद, सरकार समय पर रैक और भंडारण की व्यवस्था नहीं कर पाई।

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सुरेंद्र वर्मा ने कहा:

“धान का कटोरा कहलाने वाला छत्तीसगढ़ आज उर्वरक संकट से जूझ रहा है। सरकारी समितियों के गोदाम खाली हैं। किसान सुबह से शाम तक कतार में लगकर खाली हाथ लौट रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी चरम पर है। 1350 रुपये का डीएपी खुले बाजार में 2000 रुपये में बिक रहा है, जबकि 266 रुपये का यूरिया किसानों को 1000-1200 रुपये में मिल रहा है।”

कांग्रेस ने यह भी कहा कि कृषि मंत्री दिल्ली जाकर भाजपा अध्यक्ष से खाद उपलब्ध कराने की गुहार लगाते हैं, लेकिन खाली हाथ लौटकर कहते हैं कि “खाद की कोई कमी नहीं है।” जबकि केंद्र सरकार की उपेक्षा और झूठे दावों से किसान परेशान हैं।

पार्टी ने चेतावनी दी कि सरकार के दोहरे रवैये के कारण किसानों में व्यापक आक्रोश है और यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकता है।