
मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद का बड़ा निर्णय: नए वाहनों पर 50% मोटरयान कर छूट, नगर पालिका चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से
मध्यप्रदेश में स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I व बीएस-II वाहनों के "सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट" पर नए वाहनों पर 50% मोटरयान कर छूट मिलेगी। साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव अब प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा।
नए वाहनों पर “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” से मोटरयान कर में 50% छूट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
भोपाल : मंगलवार, 10 सितम्बर 2025, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में दो अहम निर्णय लिए गए।
स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा
बैठक में तय किया गया कि बीएस-I और पूर्ववर्ती तथा बीएस-II उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को स्क्रैप करने पर जारी “सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट” के विरुद्ध नया वाहन पंजीकृत कराने पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
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वर्ष 2024-25 में 1,563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रुपये की छूट दी गई।
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वर्तमान में राज्य में BS-I एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार वाहन ऑन-रोड हैं।
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इस निर्णय से राज्य पर लगभग 100 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
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केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को स्क्रैपिंग नीति को बढ़ावा देने हेतु 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी।
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट की शर्तें:
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प्रमाणपत्र केवल उसी व्यक्ति के नाम पर मान्य होगा जिसके नाम से जारी है।
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इसकी वैधता 3 वर्ष होगी।
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यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर हस्तांतरित किया जा सकेगा।
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छूट केवल उसी स्थिति में मिलेगी जब नया वाहन मध्यप्रदेश में पंजीकृत RVSF (Registered Vehicle Scrapping Facility) द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर खरीदा गया हो।
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छूट केवल उसी श्रेणी के वाहन की खरीद पर मिलेगी, जो स्क्रैप किया गया है।
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जीवनकाल कर जमा करने पर एकमुश्त 50% छूट, जबकि मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर पर 8 वर्ष तक 50% छूट मिलेगी।
नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 को भी मंजूरी दी। इसके तहत प्रदेश की नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन अब प्रत्यक्ष प्रणाली से मतदाताओं द्वारा कराया जाएगा।
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वर्ष 1999 से 2014 तक अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होता था।
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वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनावों में इसे अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराया गया।
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आगामी 2027 के नगरीय निकाय चुनावों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन फिर से प्रत्यक्ष प्रणाली से कराया जाएगा।










