
CBI की बड़ी कार्रवाई: तीन कस्टम अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का केस, कई राज्यों में छापेमारी
CBI ने रिश्वतखोरी के मामले में एक सेवानिवृत्त अधीक्षक सहित तीन कस्टम अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि तस्करी के सामान को छोड़ने के बदले 35 लाख से अधिक की रिश्वत ली गई।
रिश्वतखोरी मामला: CBI ने तीन कस्टम अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की FIR, कई राज्यों में छापेमारी जारी
नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026/केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में तीन कस्टम अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों में एक सेवानिवृत्त अधीक्षक और दो निरीक्षक (इंस्पेक्टर) शामिल हैं। यह कार्रवाई 03 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है।
CBI के अनुसार, यह मामला CGST, गुवाहाटी के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा दी गई शिकायत पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि उक्त अधिकारी जब कस्टम्स प्रिवेंटिव फोर्स (CPF), चंफाई, मिजोरम में पदस्थ थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तस्करी के सामान को अवैध रूप से छोड़ने के बदले रिश्वत ली।
35 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने का आरोप
CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022-23 के दौरान आरोपित अधिकारियों ने अरेका नट (सुपारी), सिगरेट सहित अन्य तस्करी के सामान को बिना किसी वैधानिक दस्तावेज तैयार किए जब्त किया और फिर संबंधित व्यक्तियों से अवैध gratification/रिश्वत की मांग की।
आरोप है कि अलग-अलग मामलों में 35 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के बाद जब्त सामान को छोड़ दिया गया।
1.42 करोड़ रुपये से अधिक का माल गायब
CBI ने यह भी बताया कि विभिन्न मामलों में जब्त किए गए सामान के संबंध में 23 दिसंबर 2022 से 26 अप्रैल 2023 के बीच सरकारी गोदामों से लगभग 1.42 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का माल गायब पाया गया है, जो जांच का गंभीर विषय है।
कई राज्यों में CBI की छापेमारी
मामले की जांच के सिलसिले में CBI द्वारा आरोपियों के ठिकानों पर अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर, असम के गुवाहाटी, राजस्थान के सीकर, बिहार के पटना और मणिपुर के चुराचांदपुर में तलाशी अभियान (Search Operations) चलाया जा रहा है।
CBI ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।









