
Airbus A320 Global Fault: सोलर रेडिएशन से ELAC कंप्यूटर फेल, दुनिया भर में ग्राउंडिंग
Airbus A320 विमानों में सोलर रेडिएशन के कारण ELAC कंप्यूटर में ‘बिट-फ्लिप’ खामी पाई गई। EASA ने आपातकालीन निर्देश जारी कर पुराने कंप्यूटर बदलने का आदेश दिया। भारत समेत दुनिया भर में A320 विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड किया जा रहा है। जानिए पूरी रिपोर्ट।
Airbus A320 Global Grounding: सोलर रेडिएशन के कारण फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर में खामी, दुनिया भर में जांच तेज
Airbus A320 दुनिया के सबसे सुरक्षित और उन्नत फ्लाई-बाय-वायर विमान माने जाते हैं, लेकिन हाल ही में एक गंभीर तकनीकी घटना ने वैश्विक विमानन सेक्टर को झकझोर दिया है। अमेरिका की एक निजी एयरलाइन की कैनकन–न्यूयॉर्क उड़ान के दौरान हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान अचानक बिना किसी पायलट कमांड के नीचे झुक गया। केबिन में तेज झटका लगने से कई यात्री घायल हो गए, और विमान को आपातकाल में टैम्पा डायवर्ट करना पड़ा।
घटना की जांच के बाद Airbus और European Union Aviation Safety Agency (EASA) ने पाया कि इस दुर्घटना का कारण A320 के सबसे महत्वपूर्ण सिस्टम—ELAC (Elevator Aileron Computer)—में हुआ ‘बिट-फ्लिप’ एरर था, जो सोलर रेडिएशन से प्रभावित हुआ।
समस्या कहाँ हुई? — “Solar Radiation Bit-Flip”
जांच में सामने आया कि ऊंचाई पर बढ़ी हुई सौर विकिरण (Solar Radiation) ने ELAC कंप्यूटर की चिप में एक आवश्यक बिट को बदल दिया।
इससे डेटा करप्ट हो गया और कंप्यूटर ने:
✔ गलत पिच डेटा पढ़ लिया
✔ ऑटोपायलट के बावजूद विमान को अचानक नीचे मोड़ दिया
✔ फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम ने गलत एटिट्यूड कमांड लागू कर दिया
यह फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम में एक रेयर लेकिन हाई-रिस्क घटना मानी जाती है।
EASA का Emergency निर्देश — तुरंत कंप्यूटर बदलने का आदेश
28 नवंबर को EASA ने Emergency Airworthiness Directive (EAD) जारी किया, जिसमें आदेश दिया गया:
🔻 मॉडल B L104 ELAC कंप्यूटर को तुरंत हटाया जाए
🔻 उसकी जगह B L103+ (अपडेटेड, सुरक्षित वर्जन) लगाया जाए
🔻 पुराना कंप्यूटर लगे विमानों को उड़ान भरने की अनुमति न दी जाए
🔻 जरूरत पड़ने पर केवल नियंत्रित स्थिति में ferry flight की अनुमति
दुनिया भर में एयरलाइंस अपने A320-बेड़े का निरीक्षण कर रही हैं।
🇮🇳 भारत पर बड़ा असर — सबसे ज्यादा A320 यहीं उड़ते हैं
भारत A320 विमानों का दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेटर है।
🔹 IndiGo — लगभग 200 विमान
🔹 Air India — 100–125 विमान
इनमें से काफी विमानों को:
— अपग्रेड,
— निरीक्षण
— या सीमित ऑपरेशन
में रखा गया है, जिससे शेड्यूल पर व्यापक असर पड़ रहा है।
एयर इंडिया ने चेतावनी जारी की है कि अपग्रेड प्रक्रिया के चलते:
✈ फ़्लाइट में देरी
✈ शेड्यूल में बदलाव
संभव हैं।
IndiGo भी अपने नेटवर्क में री-शेड्यूलिंग कर रही है।
पुराने मॉडल vs नए A320neo में कितनी देर लगता है अपग्रेड में?
🔹 A320neo (नया मॉडल) → सिर्फ 30 मिनट का सॉफ्टवेयर अपडेट
🔹 पुराने A320 मॉडल → हार्डवेयर + सॉफ्टवेयर बदलने में 2–3 दिन
इस वजह से हजारों उड़ानों पर प्रभाव पड़ सकता है।
क्या यह वैश्विक संकट बन सकता है?
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है:
✔ सुरक्षा के लिए कदम आवश्यक
✔ लेकिन इससे वैश्विक एविएशन नेटवर्क पर बड़ा ऑपरेशनल असर पड़ेगा
✔ यह फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम की सोलर रेडिएशन संवेदनशीलता की गंभीर चुनौती












