
भोपाल एम्स में लगेगा एडवांस रोबोटिक सिस्टम, डॉक्टर अब दूर बैठकर करेंगे सर्जरी
एम्स भोपाल 30 करोड़ की लागत से दुनिया का सबसे एडवांस दा विंची रोबोटिक सिस्टम स्थापित कर रहा है। अब डॉक्टर दूसरे शहरों और विदेशों से भी मरीजों की सर्जरी कर सकेंगे।
भोपाल एम्स में दुनिया का सबसे एडवांस रोबोटिक सिस्टम, अब डॉक्टर दूसरे शहरों में बैठकर कर सकेंगे सर्जरी
भोपाल। मध्य भारत के पहले सरकारी अस्पताल के रूप में एम्स भोपाल रोबोटिक सर्जरी के नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। यहां करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से दुनिया का सबसे एडवांस दा विंची रोबोटिक आर्म सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए एम्स भोपाल के डॉक्टर दूसरे शहरों या विदेशों में बैठे मरीजों का भी ऑपरेशन कर पाएंगे।
🔹 रोबोटिक सर्जरी की अनोखी विशेषताएं
-
तीन हिस्सों वाला सिस्टम: एक कंसोल और दो रोबोटिक आर्म। डॉक्टर कंसोल से कमांड देंगे और ऑपरेशन थिएटर में मौजूद आर्म सर्जरी करेगा।
-
मोबाइल रोबोटिक आर्म: इसे किसी भी जगह ले जाकर सर्जरी की जा सकेगी।
-
10 गुना ज्यादा संवेदनशील कैमरा: हाई डेफिनिशन और 3D विजन से डॉक्टर बारीक हिस्सों तक स्पष्ट देख पाएंगे।
प्रशिक्षित टीम तैयार
-
यूरोलॉजी विभाग के डॉ. केतन मेहरा ऑस्ट्रिया से रोबोटिक सर्जरी का कोर्स पूरा कर लौटे हैं।
-
शुरुआत यूरोलॉजी से होगी, फिर अन्य विभागों में इसका विस्तार होगा।
-
प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर, ब्लैडर कैंसर जैसी जटिल सर्जरी अब आसानी से संभव।
मरीजों को होने वाले फायदे
-
छोटे चीरे से सर्जरी, बड़े कट की जरूरत नहीं।
-
खून का बहाव कम, रिकवरी तेज।
-
अत्यधिक जटिल हिस्सों तक सटीक सर्जरी।
-
अधिक सुरक्षित और प्रभावी उपचार।
दूर से ऑपरेशन का सफल रिकॉर्ड
हाल ही में डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने इतिहास रचा। उन्होंने दिल्ली से बस में बैठकर कंसोल से कमांड दिए और भोपाल के आईसीयू में मौजूद रोबोट के जरिए हिस्टेरेक्टॉमी (बच्चेदानी निकालने की सर्जरी) सफलतापूर्वक पूरी की। यह अब तक की सबसे लंबी दूरी की रोबोटिक सर्जरी मानी गई।
एम्स प्रशासन का बयान
डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन ने कहा कि बीमारियों की जटिलता बढ़ने के साथ रोबोटिक सर्जरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह तकनीक पारंपरिक सर्जरी से अधिक प्रभावी और सुरक्षित है।










