Breaking : बीजापुर में सबसे बड़ा माओवादी आत्मसमर्पण, 103 नक्सलियों ने हथियार डाले

बीजापुर।  छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। बीजापुर जिले में गुरुवार को छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण हुआ, जब 103 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें कई बड़े नक्सली नेता भी शामिल हैं।

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 बीजापुर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की ओर से 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

कई वरिष्ठ नक्सली नेता भी हुए सरेंडर

इस आत्मसमर्पण में कई बड़े नक्सली नेता शामिल रहे— जिनमें DVCM, PPCM, ACM, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, मिलिशिया कमांडर, CNM और जनताना सरकार के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तक शामिल हैं। कुल 49 इनामी माओवादी समेत 103 नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक कदम उठाया।

इस साल 410 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण

आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2025 से अब तक 410 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 421 गिरफ्तार और 137 मारे गए। वहीं, पिछले एक साल की बात करें तो अब तक कुल 924 माओवादी गिरफ्तार, 599 आत्मसमर्पण और 195 मारे जा चुके हैं।

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आत्मसमर्पण की वजहें

  • सुदूर इलाकों में विकास कार्यों की तेज़ रफ्तार

  • संगठन से मोहभंग और आंतरिक मतभेद

  • शीर्ष नेताओं के समर्पण और लगातार मारे जाने से हताशा

  • संगठन के भीतर शोषण और असुरक्षित भविष्य की चिंता

  • सुरक्षा बलों डीआरजी, बस्तर फाइटर, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बटालियन की सक्रियता

  • पुनर्वास नीति के तहत रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन का भरोसा

SP बीजापुर का बयान

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा—
“सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। अब समय आ गया है कि नक्सली भ्रामक विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों और सामान्य जीवन जीएं।”