कंपनी प्रबंधन की वादाखिलाफी के विरोध में छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ का विशाल धरना प्रदर्शन रायपुर में

कंपनी प्रबंधन की वादाखिलाफी के विरोध में छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ का विशाल धरना प्रदर्शन आज रायपुर में

  • समान कार्य के लिए समान वेतन

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  • संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण

  • पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता

  • सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा

  • कार्यस्थल पर सुरक्षा और सुविधाओं की गारंटी

कर्मचारी हितों की 22 सूत्रीय मांगों को लेकर उठी एकजुट आवाज, अम्बिकापुर क्षेत्र से भी पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी

रायपुर, 09 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ- महासंघ ने आज रायपुर के डंगनिया स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय के समक्ष कंपनी प्रबंधन की वादाखिलाफी और झूठे आश्वासनों के खिलाफ विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन किया। यह आंदोलन प्रदेशभर के बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों से जुड़ी 22 सूत्रीय ज्वलंत मांगों के समर्थन में आयोजित किया गया।

इस आंदोलन की रूपरेखा महासंघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में तय की गई थी, जिसमें अखिल भारतीय मंत्री एवं उद्योग प्रभारी, भारतीय मजदूर संघ के मार्गदर्शन में चरणबद्ध कार्यक्रम का निर्णय लिया गया था।

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तीन चरणों में चला आंदोलन

1️⃣ प्रथम चरण (29 अगस्त 2025) – प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधीशों के माध्यम से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
2️⃣ द्वितीय चरण (1 से 30 सितंबर 2025) – सभी विद्युत कार्यालयों में कर्मचारियों की मांगों के पोस्टर चस्पा किए गए, हैंडबिल वितरण कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। 1 से 8 अक्टूबर तक कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के वादाखिलाफी के विरोध में काली पट्टी पहनकर नारेबाजी की।
3️⃣ तृतीय चरण (9 अक्टूबर 2025) – आज रायपुर में विशाल आमसभा और धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बिजली कर्मचारी एवं अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मांगों को लेकर एकजुट कर्मचारी संगठन

महासंघ की जायज मांगों को संविदा कर्मचारी संघ, पात्रोपाधी अभियंता संघ और बस्तर क्षेत्र के कार्यालयीन कर्मचारी संघ का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है। अम्बिकापुर क्षेत्र से भी भारी संख्या में कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।

कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने अब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अम्बिकापुर क्षेत्रीय सचिव अभिषेक कुमार बोहिदार ने बताया कि,

“हमारी 22 सूत्रीय मांगें पूरी तरह कर्मचारी हित में हैं। कंपनी प्रबंधन द्वारा लगातार वादाखिलाफी की जा रही है, इसलिए मजबूरन हमें सड़कों पर उतरना पड़ा है।”