
क्यों कहा गया कार्तिक मास को पवित्रतम—सूर्योदय से पहले स्नान से मिलता है दिव्य फल
कार्तिक माह में सूर्योदय से पहले स्नान करने से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जानें धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण।
कार्तिक माह शुरू: सूर्योदय से पहले स्नान का महत्व, जानिए धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से इसके लाभ
रायपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास आरंभ हो चुका है। इस महीने को वर्ष का सबसे पवित्र माह माना गया है। धर्मशास्त्रों में उल्लेख है कि कार्तिक में सूर्योदय से पहले स्नान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्राप्त होता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
पद्मपुराण सहित अन्य ग्रंथों में कहा गया है कि कार्तिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान ब्रह्ममुहूर्त में नदियों, सरोवरों या घर पर गंगाजल से स्नान कर भगवान विष्णु एवं तुलसी माता की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
सूर्योदय से पहले का समय शुद्ध और शांत वातावरण वाला होता है, जो ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना गया है। यही कारण है कि इस माह में स्नान, दीपदान और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।
स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टि से लाभ
आयुर्विज्ञान के अनुसार भी सुबह-सुबह स्नान करना शरीर के लिए लाभकारी है। इससे रक्त संचार में सुधार होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मानसिक एकाग्रता मिलती है।
ठंड के मौसम में प्रातःकाल स्नान करने से शरीर की गर्मी संतुलित रहती है, जिससे स्फूर्ति और ताजगी बनी रहती है। आधुनिक चिकित्सा भी मानती है कि इस समय स्नान करने से शरीर और मन दोनों सक्रिय रहते हैं।









