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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 29 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उन पर ₹2,500 करोड़ के घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 29 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उन पर ₹2,500 करोड़ के घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) की विशेष अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। अब वे 29 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे। इस तरह, चैतन्य बघेल को इस बार दिवाली जेल में ही मनानी पड़ेगी।
गिरफ्तारी और आरोप:
- चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
- ईडी की जांच भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।
- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले से प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।
ईडी की जांच में चैतन्य बघेल की भूमिका:
- ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपये मिले थे।
- उन्होंने इस अवैध धन का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया।
- उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना बनाने के लिए किया, जिसके तहत उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
अन्य गिरफ्तारियाँ:
ईडी ने इस मामले में चैतन्य बघेल के अलावा पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को भी गिरफ्तार किया है।
फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।












