विश्व पोलियो दिवस 2025: पोलियो के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने और टीकाकरण को बढ़ावा देने पर जोर
नई दिल्ली: आज 24 अक्टूबर को पूरे विश्व में ‘विश्व पोलियो दिवस’ (World Polio Day) मनाया जा रहा है। यह दिन पोलियो (पोलियो वायरस) जैसी गंभीर और बच्चों में लकवा पैदा करने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके खिलाफ वैश्विक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है।
पोलियो जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न NGO बच्चों और अभिभावकों के बीच पोलियो के खतरों और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूकता फैलाने के अभियान चला रहे हैं।
वैश्विक उन्मूलन के प्रयास और भारत की उपलब्धि
- 99% से अधिक कमी: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ की अगुवाई में पोलियो के खिलाफ लगातार काम किया जा रहा है। 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम (GPEI) की शुरुआत के बाद से पोलियो के मामलों में विश्व स्तर पर 99% से अधिक कमी दर्ज की जा चुकी है।
- भारत पोलियो मुक्त: भारत में भी पोलियो उन्मूलन की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश को 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया।
- सतर्कता आवश्यक: पोलियो मुक्त होने के बावजूद, स्वास्थ्य विभाग और बच्चों के अभिभावकों को सतर्क रहने और नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि यह बीमारी दोबारा न पनप सके।
पोलियो से बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह
पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान, स्वच्छता और स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर दिया जाता है। विशेषज्ञ निम्नलिखित कदम उठाने की सलाह देते हैं:
- टीकाकरण समय पर: बच्चों को पोलियो की खुराक समय पर दें।
- स्वच्छता: स्वच्छ पेयजल और हाथ धोने जैसी अच्छी आदतों को अपनाएं।
- जागरूकता: पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण शिविरों में भाग लें और स्वयं जागरूक रहें।
विश्व पोलियो दिवस हमें याद दिलाता है कि पोलियो को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य अभी भी अधूरा है, और हर बच्चे को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।











