अयोध्या रामलला आरती लाइव दर्शन 30 अक्टूबर 2025: समय, श्रृंगार और भोग व्यवस्था

अयोध्या रामलला आरती और श्रृंगार (30 अक्टूबर, 2025): जानिए आज के दर्शन और दैनिक अनुष्ठान

आज, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि (विक्रम संवत 2082, 30 अक्टूबर, गुरुवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का शुभ और अलौकिक श्रृंगार किया गया।

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अयोध्या में विराजमान रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य रूप में होता है और भगवान रोज़ाना भक्तों को अलग-अलग मनमोहक रूप में दर्शन देते हैं।

रामलला का दैनिक पूजन और आरती का समय

रामलला की दिनचर्या भक्तों के लिए किसी बाल रूप की सेवा से कम नहीं है, जिसमें उन्हें जगाने से लेकर शयन (सोने) तक के सभी अनुष्ठान शामिल हैं:

समय अनुष्ठान विवरण
सुबह 6:30 बजे पहली आरती (मंगला/बाल भोग) रामलला को जगाने से पूजन शुरू होता है। इसके बाद उन्हें लेप लगाने, स्नान करवाने से लेकर वस्त्र पहनाया जाता है और बाल भोग लगाया जाता है।
दोपहर 12:00 बजे भोग आरती दोपहर का भोग अर्पित किया जाता है।
संध्या 7:30 बजे संध्या आरती शाम की आरती होती है।
रात 8:30 बजे शयन रामलला को विश्राम के लिए शयन करवाया जाता है।

दर्शन का समय: भक्त रामलला के दर्शन शाम 7:30 बजे तक ही कर सकते हैं।

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रामलला का श्रृंगार और भोग व्यवस्था

  1. वस्त्र और श्रृंगार:
    • रामलला को हर दिन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं। गर्मियों में सूती और हल्के वस्त्र, तो जाड़े में स्वेटर और ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं।
    • उनकी फूलों की माला भी विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है।
  2. भोग:
    • रामलला को दिन में चार समय भोग लगाया जाता है।
    • सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है।
    • हर दिन और समय के हिसाब से अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं। ये सभी व्यंजन राम मंदिर की अपनी रसोई में बनते हैं।