
आधार कार्ड अपडेट के लिए अब नहीं जाना होगा केंद्र, UIDAI ने लॉन्च किया डिजिटल प्लेटफॉर्म
UIDAI ने 1 नवंबर 2025 से आधार सेवाओं के लिए नई फीस दरें लागू की हैं। अब नाम, पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत यह कदम ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
अब घर बैठे होगा Aadhaar Update: UIDAI ने बदले नियम, 1 नवंबर से नई फीस दरें लागू
नई दिल्ली। अब आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए आपको किसी आधार सेवा केंद्र जाने की जरूरत नहीं है। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी आधार संबंधी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लोग घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से आधार अपडेट, वेरिफिकेशन और PAN लिंकिंग जैसे काम कर सकेंगे।
UIDAI के इस कदम को देशभर में डिजिटल पहुंच को और मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी।
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बड़ा बदलाव
UIDAI का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म अब आधार सेवाओं को न केवल तेज़ बल्कि सुरक्षित भी बनाता है। इस पहल से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।
नई प्रक्रिया के तहत कार्डधारक अपने नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर या ईमेल जैसी जानकारियां सीधे UIDAI वेबसाइट पर जाकर अपडेट कर सकेंगे। इसके अलावा, अब बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डेटा को भी डिजिटल माध्यम से संशोधित किया जा सकेगा।
1 नवंबर 2025 से लागू नई फीस दरें
UIDAI ने 1 नवंबर 2025 से अपनी सभी सेवाओं के लिए नई शुल्क दरें लागू कर दी हैं। अब अलग-अलग सेवाओं के लिए फीस इस प्रकार होगी:
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आधार रीप्रिंट (Aadhaar Reprint) – ₹40
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बायोमेट्रिक डेटा अपडेट (Biometric Update) – ₹125
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डेमोग्राफिक डेटा अपडेट (नाम, पता, जन्मतिथि आदि) – ₹75
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होम एनरोलमेंट (पहला सदस्य) – ₹700
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उसी पते पर अन्य परिवार के सदस्य का एनरोलमेंट – ₹350
UIDAI का कहना है कि नई फीस दरें सेवाओं को पारदर्शी और मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से तय की गई हैं।
PAN-Aadhaar लिंक की अंतिम तिथि तय
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि PAN और Aadhaar को लिंक करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है।
अगर निर्धारित तारीख तक दोनों दस्तावेज लिंक नहीं किए गए, तो PAN कार्ड निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा।
यह निर्णय कर चोरी रोकने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
KYC प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव
UIDAI ने डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया में भी सुधार किया है। अब बैंक, बीमा कंपनियां और अन्य वित्तीय संस्थान ग्राहकों की पहचान तीन तरीकों से कर सकेंगे:
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Aadhaar OTP वेरिफिकेशन
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वीडियो KYC
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इन-पर्सन वेरिफिकेशन (सामने से सत्यापन)
इन नए विकल्पों से ग्राहकों को शाखा में बार-बार जाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा और पहचान प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी होगी।
डेटा की सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित
UIDAI ने कहा है कि आधार डेटा अपडेट करते समय पहचान पत्र के रूप में पैन कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज अपलोड करना जरूरी होगा।
यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित होगी।
सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूजर की जानकारी एन्क्रिप्शन तकनीक के जरिए सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार का डेटा लीक न हो।
ऑनलाइन अपडेट की प्रक्रिया
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UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाएं।
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‘Update Your Aadhaar’ विकल्प चुनें।
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लॉगिन करें और OTP के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करें।
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जिन जानकारियों को अपडेट करना है, उन्हें चुनें और सही दस्तावेज अपलोड करें।
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निर्धारित शुल्क का भुगतान करें।
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अपडेट प्रक्रिया पूरी होते ही आपको एक Acknowledgement Slip और URN नंबर मिलेगा।
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आप उस URN नंबर से अपने अपडेट की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बड़ा फायदा
डिजिटल सेवा मॉडल के आने से अब गांवों के लोग भी आसानी से अपने मोबाइल या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से आधार अपडेट कर सकेंगे।
यह पहल ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण (Rural Digital Empowerment) की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
UIDAI का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में देश के हर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक यह सेवा पूर्ण रूप से उपलब्ध कराई जाए।
UIDAI की ओर से जारी बयान
UIDAI के अधिकारियों ने कहा,
“हमारा उद्देश्य आधार सेवाओं को ‘हर घर तक डिजिटल रूप में पहुंचाने’ का है। नई प्रणाली से आधार न केवल पहचान का माध्यम रहेगा, बल्कि लोगों के डिजिटल अधिकारों का आधारस्तंभ भी बनेगा।”
आधार और पैन के जुड़ने से होगा लाभ
PAN और आधार के लिंक हो जाने से व्यक्ति के वित्तीय लेनदेन, बैंकिंग और टैक्स से जुड़े डेटा में पारदर्शिता आएगी।
आधार से सत्यापन होने पर धोखाधड़ी की संभावनाएं भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।
UIDAI की डिजिटल पहल से बढ़ेगा भरोसा
विशेषज्ञों का कहना है कि UIDAI की यह नई पहल देश में डिजिटल गवर्नेंस के लिए एक बड़ा कदम है।
अब लोग घर बैठे अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिससे समय, पैसा और संसाधनों की बचत होगी।
साथ ही सरकारी सेवाओं पर आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।











