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जगदलपुर: युवा किसान रोहन कश्यप बने आत्मनिर्भरता की मिसाल, सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत

युवा किसान रोहन कश्यप बने आत्मनिर्भरता की मिसाल, सरकार की योजनाओं से बदली किस्मत

जगदलपुर, 13 फरवरी 2026।जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत बाबू सेमरा निवासी युवा किसान रोहन कश्यप ने हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के बाद अपनी मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से पैतृक खेती-किसानी को परिवार की खुशहाली का मजबूत आधार बना दिया है। उन्होंने परंपरागत खेती को आधुनिक स्वरूप देकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है।

हाल ही में अपने गांव में मुलाकात के दौरान रोहन कश्यप ने राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान विक्रय की अंतर राशि एकमुश्त देने के निर्णय को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि होली त्योहार से पहले किसानों को एकमुश्त भुगतान मिलने से उत्सव की खुशी दोगुनी हो जाएगी।

8 एकड़ भूमि पर उन्नत खेती, रबी में भी बढ़ाई आय

रोहन ने बताया कि वे मां कमला कश्यप के नाम दर्ज 8 एकड़ पैतृक कृषि भूमि पर खरीफ सीजन में उन्नत किस्म की धान की खेती करते हैं। इसके साथ ही रबी सीजन में मक्का एवं साग-सब्जी की फसल लेकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले केवल खरीफ में ही धान की खेती करते थे, लेकिन खेत में नलकूप स्थापना के बाद रबी फसलों से भी बेहतर उत्पादन मिलने लगा है।

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133 क्विंटल धान विक्रय, जल्द मिला भुगतान

रोहन ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 133 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किया, जिसकी राशि तुरंत उनके बैंक खाते में अंतरित कर दी गई। अब राज्य सरकार द्वारा धान विक्रय की अंतर राशि होली से पहले दिए जाने के निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने इसे सरकार की किसान हितैषी, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पहल बताया।

आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग

8 सदस्यीय परिवार में दो बड़े भाइयों के साथ खेती कार्य संभाल रहे रोहन कश्यप ने बताया कि वे उर्वरकों के साथ-साथ गोबर खाद का संतुलित उपयोग कर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ा रहे हैं। खेती-किसानी को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने बैंक ऋण की सहायता से ट्रैक्टर खरीदा, जो कृषि कार्यों में अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है।

ड्रिप सिंचाई अपनाने की तैयारी

भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए रोहन ने कहा कि आगामी वर्ष से साग-सब्जी की खेती के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने का विचार है, ताकि जल संरक्षण के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके।

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