दुर्ग में कर्मचारी संघ के पत्रों की अनदेखी पर नाराजगी, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव बोले– “5 साल से नहीं हुई समिति की बैठक”

दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, दुर्ग के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने जिला प्रशासन पर विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक नहीं बुलाने का आरोप लगाया है।

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भानु प्रताप यादव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई है, जबकि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में बैठक अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा ग्यारह बार जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया, लेकिन आज तक किसी ने संज्ञान नहीं लिया।

उन्होंने बताया कि आखिरी बार जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक 05 फरवरी 2020 को आयोजित हुई थी। तब से अब तक बैठक नहीं होने के कारण कर्मचारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

भानु प्रताप यादव ने कहा कि समिति की अनुपस्थिति के चलते –

  • कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नतिक्रमोन्नति प्रभावित हो रही है।

  • वरिष्ठता सूची का प्रकाशन समय पर नहीं हो पा रहा।

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  • सेवा पुस्तिका संधारण और पेंशन प्रकरणों में देरी हो रही है।

  • अनुकंपा नियुक्ति, चिकित्सा देयक, यात्रा भत्ता और मातृत्व अवकाश वेतन के भुगतान लंबित हैं।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ 8-2/1-9/2006 दिनांक 27/10/2006 में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हर तीन माह में आयोजित कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए।

संघ ने इस मामले को लेकर कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपा है, जिस पर जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव और जिला सचिव शिवदयाल धृतलहरे के हस्ताक्षर हैं।

भानु प्रताप यादव ने कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र बैठक नहीं बुलाई, तो कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।