
अयोध्या का कायाकल्प: मंदिर निर्माण के बाद 55 वैदिक वन, सोलर सिटी और हाईटेक टाउनशिप का विकास
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बाद 55 वैदिक वन, मेटावर्स ऐप, सोलर सिटी और 550 एकड़ टाउनशिप जैसी परियोजनाओं ने शहर के विकास को ऐतिहासिक रफ्तार दी है।
अयोध्या का तेजी से कायाकल्प: मियावाकी वनों से मॉडल सोलर सिटी तक, योगी सरकार की मेगा परियोजनाओं से बदल रही धार्मिक नगरी की तस्वीर
अयोध्या। दिव्य एवं भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प अभूतपूर्व गति से हो रहा है। धार्मिक नगरी को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर अनेक मेगा परियोजनाएं ज़मीन पर उतर रही हैं। पर्यटन, विनिर्माण, नई टाउनशिप, विश्वस्तरीय अवसंरचना और हरित विकास मॉडल ने अयोध्या की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
55 वैदिक वन: मियावाकी पद्धति से हर ब्लॉक में हरित क्रांति
जिले के सभी 11 ब्लॉकों में पाँच–पाँच स्थलों पर कुल 55 वैदिक वन विकसित किए गए हैं।
- पौधों की सुरक्षा के लिए GPS टैगिंग
- मनरेगा के माध्यम से नियमित रखरखाव व सिंचाई
- हर ब्लॉक में प्राकृतिक विविधता का संरक्षण
यह पहल अयोध्या को “ग्रीन टूरिज्म” और पर्यावरणीय मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।
‘अयोध्या यात्रा’ ऐप: घर बैठे वर्चुअल दर्शन
लॉन्च किया गया Aayodhya Yatra App Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं—
- श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू घाट का 360° वर्चुअल टूर
- ऑनलाइन पूजा-अर्चना सेवा
- दीपोत्सव जैसे आयोजनों का 3D मेटावर्स अनुभव
यह ऐप अयोध्या को डिजिटल श्रद्धा-केन्द्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
मॉडल सोलर सिटी: अक्षय ऊर्जा का नया हब
UP Solar Energy Policy–2022 के अनुसार अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी घोषित किया गया है।
- सरयू नदी तट पर 40 MW सौर संयंत्र, NTPC ग्रीन एनर्जी द्वारा स्थापित
- 165 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की लीज पर
- शहर की कुल विद्युत आवश्यकता का 25–30% पूरा
अयोध्या देश के अग्रणी सौर ऊर्जा शहरों में शामिल हो गया है।
म्यूजियम ऑफ टेंपल्स: ₹750 करोड़ की विश्वस्तरीय परियोजना
अयोध्या में ₹750 करोड़ की लागत से “Museum of Temples” का निर्माण तेजी से जारी है।
- ₹650 करोड़ भवन निर्माण, ₹100 करोड़ बाहरी अवसंरचना
- परियोजना का CSR वित्तपोषण टाटा संस द्वारा
- वैष्णव परंपरा, मंदिर वास्तुकला और सांस्कृतिक इतिहास का अद्भुत संग्रह
यह संग्रहालय अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनाएगा।
नव्य अयोध्या: 550 एकड़ की हाईटेक ग्रीनफील्ड टाउनशिप
आवास विकास परिषद 550 एकड़ में हाईटेक टाउनशिप विकसित कर रहा है।
मुख्य विशेषताएं—
- हाईटेक इलेक्ट्रिक डक्ट और अंडरग्राउंड ड्रेनेज (₹218 करोड़)
- 200 एकड़ हरित पट्टी
- वेलनेस सिटी के लिए सुपर स्पेशलिटी मेडिकल ज़ोन
- हाईटेक टेक्नोलॉजी पार्क
‘नव्य अयोध्या’ भारत की सबसे आधुनिक धार्मिक नगरी बनने की दिशा में अग्रसर है।
छह भव्य प्रवेश द्वार
शहर में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, गरुण और जटायू नाम के छह भव्य गेट विकसित किए गए हैं, जो अयोध्या की पौराणिकता और आधुनिक शिल्पकला का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करते हैं।
विश्वस्तरीय अवसंरचना: रेलवे स्टेशन, भक्ति पथ, एयरपोर्ट तैयार
- अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण
- हनुमानगढ़ी–राम जन्मभूमि भक्ति पथ पूर्ण
- महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार
- 13 किमी चार लेन सड़क तैयार
- NH–330 और प्रमुख मार्गों का विस्तार
अयोध्या अब वैश्विक पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
निवेश और नए रोजगार से बदलती अर्थव्यवस्था
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 159 निवेश प्रस्ताव अयोध्या से जुड़े।
42 से अधिक 4–5 सितारा होटल निर्माणाधीन हैं।
पर्यटन और उद्योगों के विस्तार ने स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार दिया है।
अयोध्या आज धार्मिक नगरी से आगे बढ़कर वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रही है।











