Karnataka Politics: सिद्धारमैया vs डीके शिवकुमार—नेतृत्व परिवर्तन पर बढ़ी सियासी हलचल

Karnataka Politics Crisis: CM Siddaramaiah और DK Shivakumar के बीच सत्ता संघर्ष तेज, राहुल गांधी ने दिया बड़ा संकेत

कर्नाटक की सियासत इन दिनों बेहद गर्म है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच जारी खींचतान अब खुलकर सामने आ चुकी है। नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

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हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि चर्चा संगठनात्मक मामलों, स्थानीय निकाय चुनावों और आगामी जिला व तालुक पंचायत चुनावों पर हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा—

“नेतृत्व परिवर्तन सिर्फ अफवाह है, मीडिया की उपज है। पार्टी हाईकमान जो भी फैसला करेगा, हम मानेंगे।”


इकबाल हुसैन का दावा—डीके शिवकुमार ही बनेंगे CM

इस बीच कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने बड़ा बयान देते हुए कहा—

“मुझे 200% भरोसा है कि डीके शिवकुमार ही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।”

उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने हाल ही में दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर अपनी राय रखी है। विधायक दल का एक वर्ग नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नजर आ रहा है।

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डीके शिवकुमार 29 नवंबर को दिल्ली आ रहे, सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा

सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार 29 नवंबर को दिल्ली आने की तैयारी में हैं। उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात का समय भी मांगा है।

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का कहना है कि—

“सोनिया गांधी और राहुल गांधी से चर्चा के बाद ही कर्नाटक के मामले पर फैसला होगा।”


राहुल गांधी का डीके शिवकुमार को संदेश—‘इंतजार करिए, मैं कॉल करूंगा’

कथित तौर पर राहुल गांधी लंबे समय से शिवकुमार के संपर्क में नहीं आ पा रहे थे। लेकिन अब राहुल गांधी ने उन्हें व्हाट्सएप संदेश भेजकर कहा—

“Please wait, I will call you.”

यह मैसेज कर्नाटक की राजनीति में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


ढाई साल पूरा—क्या होगा सिद्धारमैया का उत्तराधिकारी?

चूंकि सिद्धारमैया के कार्यकाल के ढाई वर्ष होने को हैं, ऐसे में सत्ता-संतुलन के लिए नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा और तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार—

  • 10 विधायक पहले ही दिल्ली में खरगे से मिल चुके हैं
  • अगले कुछ दिनों में कई और विधायक दिल्ली पहुंच सकते हैं
  • हाईकमान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है

क्या बदलेगा कर्नाटक का नेतृत्व?

अब सबकी नजर राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर टिकी है।
किसके पक्ष में फैसला आएगा—
सिद्धारमैया या डीके शिवकुमार?
अगले कुछ दिनों में कर्नाटक की राजनीति का समीकरण बदल सकता है।